नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि हमारी सरकार दिल्ली की हर बेटी और महिला की सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। श्रीमती गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना के तहत अब तक पाँच लाख से अधिक महिलाओं को कार्ड जारी किए जा चुके हैं। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार कुल पांच लाख 30 हजार महिलाओं ने इस सुविधा को अपनाया है, जिनमें से सभी कार्ड वर्तमान में सक्रिय रूप से उपयोग किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह न केवल इस योजना की सफलता को प्रमाणित करती है, बल्कि दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर महिलाओं के बढ़ते भरोसे और सक्रिय भागीदारी को भी दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार दिल्ली की हर बेटी और महिला की सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ केवल मुफ्त यात्रा का पास नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को एक डिजिटल पहचान और सम्मानजनक सफर का अनुभव देने वाला सशक्त माध्यम है। जब परिवहन सुलभ और सुरक्षित होता है तो महिलाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और प्रगति के अवसर अपने आप ही बढ़ जाते हैं। इस पहल से महिलाएं आज अधिक आत्मनिर्भर महसूस कर रही हैं, जो ‘विकसित दिल्ली’ की पहचान है।
अब महिलाओं को कागजी टिकट लेने की जरूरत नहीं है। केवल ईटीएम मशीन पर कार्ड टैप करें और अपनी सीट लें। इस कार्ड की मदद से महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को बस में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा मिल रही है। साथ ही यही स्मार्ट कार्ड भुगतान देकर मेट्रो और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह योजना 5 वर्ष से अधिक उम्र की दिल्ली की सभी महिलाओं और ट्रांसजेंडर निवासियों के लिए है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इस योजना का विस्तार और अधिक प्रभावी ढंग से होगा। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह महिला-हितैषी और विश्वस्तरीय बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। डिजिटल गवर्नेंस और स्मार्ट सेवाओं के मेल से दिल्ली एक ऐसी राजधानी बनने की ओर अग्रसर है, जहां हर महिला बिना किसी संकोच के सुरक्षित और गौरवपूर्ण तरीके से सफर कर सके।

