
जबलपुर। बरेला थाना अंतर्गत जमतरा में सोमवार को अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ की गई प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान दहशत में आकर नर्मदा नदी में कूदे एक युवक की मौत के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को नेशनल हाईवे पर रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
दरअसल पीएम के बाद मंगलवार सुबह जैसे ही युवक का शव मिला, ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। बड़ी संख्या में ग्रामीण गौर-एकता मार्केट के पास एकत्रित हुए और शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों, ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर मामला दर्ज करने, मुआवजे की मांग की। चक्काजाम के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
क्या है मामला-
विदित हो कि ग्रामीण एसडीएम अभिषेक सिंह के नेतृत्व मेें प्रशासनिक, पुलिस की संयुक्त टीम ने बरेला थाना अंतर्गत गौर चौकी स्थित जमतरा पर सोमवार दोपहर दो बजे अवैध उत्खनन करने वालों पर कार्रवाई करने दबिश दी थी। टीम को देखते ही घाट पर भगदड़ मच गई थी। 4-5 लडक़े मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन खिरैनी घाट बरगी निवासी आकाश बर्मन (24) को टीम ने घेर लिया था। दोपहर करीब ढाई बजे खुद को चारों ओर से घिरा देख आकाश घबरा गया और जान बचाने के लिए उसने नर्मदा नदी में छलांग लगा दी और डूब गया था।
तनावपूर्ण स्थिति बनी, समझाइश, आश्वासन के बाद माने-
गुस्साएं लोगों ने मांग रही कि
मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। घटना के समय मौके पर मौजूद लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एसडीएम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया। प्रशासन की ओर से संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतक के परिजनों को 1 लाख रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही, आश्वासन दिया गया कि शासन की अन्य योजनाओं के माध्यम से परिवार को पूरी मदद दिलाई जाएगी और मामले की निष्पक्ष जाँच की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए और हाईवे से जाम हटाया गया।
