नयी दिल्ली (वार्ता) होटलों को ऊर्जा, जल, कचरा प्रबंधन और समुदाय पर प्रभाव जैसे क्षेत्रों में पर्यावरण के अनुकूल कार्यप्रणाली अपनाने के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करने वाली सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी हैंडबुक लॉन्च की गई है, जो वैश्विक रूप से मान्य पद्धतियों और भारतीय उदाहरणों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में टिकाऊ उपाय अपनाने को सरल और प्रभावी बनाना है।
मेकमायट्रिप फाउंडेशन और डब्ल्यूटीटीसीआईआई द्वारा बुधवार को यहां आयोजित इंडिया ट्रैवल एंड टूरिज्म सस्टेनेबिलिटी सम्मेलन में यह बुक लॉन्च की गयी। इस कार्यक्रम में सरकार, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र से 30 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान हॉस्पिटैलिटी, एविएशन, मोबिलिटी, क्लाइमेट एक्शन और रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म जैसे पाँच प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की गई।
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) ने मेकमायट्रिप के सहयोग से सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी हैंडबुक विकसित किया है। सम्मेलन के निष्कर्षाें के आधार पर, मेकमायट्रिप फाउंडेशन और डब्ल्यूटीटीसीआईआई अब भारत में सस्टेनेबल ट्रैवल और टूरिज़्म पर एक रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में कार्य करेंगे।
वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (डब्ल्यूटीटीसी), इंडिया चैप्टर के अध्यक्ष और मेकमायट्रिप फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी दीप कालरा ने कहा, “ जब हम भारत के यात्रा और पर्यटन क्षेत्र के भविष्य के बारे में सोचते हैं, तो यह स्पष्ट है कि सस्टेनेबिलिटी के मुद्दे को अब हाशिए पर नहीं रखा जा सकता। यह हमारे विकास के दृष्टिकोण के मूल में शामिल होना चाहिए। इसके लिए नीति, उद्योग और ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। इस कॉन्क्लेव के माध्यम से हमारा प्रयास सिर्फ बातचीत तक सीमित न रहकर कार्रवाई पर केंद्रित था। सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी हैंडबुक इस दिशा में एक कदम है, और प्रस्तावित रिपोर्ट इस पहल को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।”
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के. बी. कछरू ने कहा, “ यह देखकर हौसला बढ़ा कि इसमें इतने प्रभावशाली लोगों ने हिस्सा लिया और चर्चा सिर्फ इस पर नहीं हुई कि सतत विकास क्यों ज़रूरी है, बल्कि इस पर भी विचार हुआ कि हम इसे अमल में कैसे ला सकते हैं। सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी हैंडबुक इसी प्रयास में सहयोग देने के लिए बनाई गई है, ताकि व्यावहारिक और अपनाने योग्य मार्गदर्शन प्रदान किया जा सके। यह हैंडबुक छोटे-बड़े सभी होटलों के लिए उपयोगी है और हमें उम्मीद है कि इससे पूरे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जागरूक प्रथाओं को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।”
इसमें एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट, अकासा एयर, आईटीसी, आईएचसीएल, लेमन ट्री, सरोवर होटल्स, ग्रीनसेल, चलो, मोमेंटम इंडिया, आईआईएम लखनऊ, टीईआरआई और जीएसटीसी जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और दृष्टिकोण भी साझा किये।
