भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक ओर अद्वैत वेदांत के प्रणेता जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके विचारों को राष्ट्र की एकता और चेतना का आधार बताया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान को जनभागीदारी से व्यापक जन आंदोलन बनाने की अपील की।सीएम डॉ यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि आदि शंकराचार्य ने ज्ञान, तर्क और भक्ति की त्रिवेणी के माध्यम से सनातन धर्म को नई दिशा दी और देश की सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया।
उन्होंने चारों दिशाओं में मठों की स्थापना कर भारत को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने का कार्य किया। उनका जीवन लोक कल्याण और सत्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान अब जनभागीदारी के चलते एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
उन्होंने बताया कि कम समय में ही जल संरक्षण के कार्यों के कारण मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान से जुड़कर नदियों, तालाबों और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।
