शहर की सडक़ो में दोपहर तक सन्नाटा और शाम को जाम


रीवा: तेज धूप के चलते भले ही दोपहर सडक़ो पर सन्नाटा रहता है लेकिन शाम होते ही सडक़ो पर भीड़ बढ़ती है और जाम की स्थित बनती है. पिछले दो दिन से शहर में लग रहे जाम से आम आदमी परेशान है.दरअसल इस समय शादी ब्याह का समय चल रहा है ऐसे में वाहनो की संख्या बढ़ गई है और हर चौराहे में जाम लग रहा है. सोमवार की शाम पीली कोठी, सांई मंदिर के सामने, प्रकाश चौराहा, घोड़ा चौराहा एवं जयस्तंभ चौराहे में लम्बा जाम लगा रहा. दोपहर वाहनो की आवाजाही कम रहती है और शाम को शहर में लोगो की आवाजाही बढ़ जाती है लिहाजा जाम की स्थित निर्मित होती है.

जयस्तंभ में लगे जाम में लोग एक घंटे तक फसे रहे. यातायात थाने की पुलिस सहित सिविल लाइन की पुलिस ने मोर्चा सम्भाला और जाम खुलवाया. धीरे-धीरे जाम खुला और आवाजाही शुरू हुई. इसी तरह सिरमौर चौराहा में भी जाम में लोग फसे रहे. सडक़े चौड़ी हो गई है दो फ्लाई ओवर भी बने है इसके बाद भी जाम से निजात नही मिल रही है. अस्पताल चौराहा और धोबिया टंकी चौराहे में अक्सर जाम लगता है. शहरो में लग रहे जाम के पीछे सडक़ो पर अस्थाई अतिक्रमण एक बड़ा कारण है. सडक़ पर ही हाथ ठेला खड़े होते है इसके अलावा नो-पार्किंग जोन में वाहनो के खड़े होने से जाम लगता है.
रेवांचल ट्रेन के समय सबसे ज्यादा भीड़
शाम को रेवांचल ट्रेन जाने का जब समय होता है उस दौरान रेलवे स्टेशन से लेकर रतहरा तक माडल रोड़ में सबसे ज्यादा जाम लगता है. दरअसल रेवांचल का समय शाम को 7.50 बजे रहता है और 6.30 बजे से 8 बजे तक आटो से लेकर निजी वाहनो की भीड़ बढ़ जाती है और 8 बजे के बाद से कुछ राहत मिलती है. लेकिन इस डेढ़ घंटे माडल रोड़ में सबसे ज्यादा वाहनो की भीड़ रहती है, जिसकी वजह से जयस्तंभ, ढ़ेकहा तिराहा, सिरमौर चौराहा, समान तिराहा आदि जगह जाम की स्थित बनती है. इस समय तो शादी का समय चल रहा है तो शाम ढ़लने के साथ ही जाम की समस्या शुरू हो जाती है. लेकिन रेवांचल ट्रेन के समय अक्सर जाम लगता है.
पर्याप्त बल की कमी का रोना
शहर का दायरा और वाहन लगातार बढ़ते जा रहे है लेकिन जो यातायात थाने का स्टाफ है उसे नही बढ़ाया जा रहा है वह कम है. स्वीकृत पद भी खाली है जितने पद है उनमें से अधिकांश खाली है. बगैर डीएसपी के यातायात थाना चल रहा है, मनोज शर्मा के जाने के बाद से डीएसपी की पदस्थापना यहा नही की गई. इसके अलावा सुबेदार एवं आरक्षक के पद खाली है. बिगड़ी यातायात व्यवस्था को लेकर अक्सर पर्याप्त बल न होने का रोना रोया जाता है. सडक़ चौड़ी होने के बावजूद शहर वासियों को जाम से निजात नही मिल पा रही है

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