बर्गामो/डेरा बाबा नानक | इटली के बर्गामो प्रांत के कोवो शहर से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां बैसाखी के उपलक्ष्य में आयोजित नगर कीर्तन के दौरान दो भारतीय सिखों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान 48 वर्षीय राजिंदर सिंह (रम्मी) और गुरमीत सिंह के रूप में हुई है। राजिंदर सिंह मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर जिले के दरगाह गांव के रहने वाले थे और पिछले 24 वर्षों से इटली में रह रहे थे। घटना उस वक्त हुई जब वे गुरुद्वारा माता साहिब कौर जी के बाहर बैसाखी का प्रसाद बांटने गए थे। हमलावरों ने गुरुद्वारा परिसर के ठीक बाहर उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक राजिंदर सिंह के पिता अमरीक सिंह ने इस हत्याकांड के पीछे गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही आपसी रंजिश की आशंका जताई है। परिजनों के अनुसार, राजिंदर पहले भी गुरुद्वारे के अध्यक्ष रह चुके थे और हाल ही में उन्होंने दोबारा पद संभालने के बजाय अपने एक साथी को नियुक्त कराया था, जिससे विरोधी गुट नाराज था। बताया जा रहा है कि हमलावर भी भारतीय मूल का ही है और वह अक्सर गुरुद्वारे आता-जाता था। शुक्रवार देर रात आधी रात के करीब अंजाम दी गई इस वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में स्थानीय पुलिस जुटी हुई है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद पंजाब स्थित उनके पैतृक गांव में मातम पसरा हुआ है। राजिंदर सिंह का अंतिम संस्कार इटली में ही किया जाएगा, क्योंकि उनका पूरा परिवार वहीं बस चुका है। भारत में रह रहे उनके बुजुर्ग पिता अमरीक सिंह ने सरकार से अपील की है कि उन्हें बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जल्द से जल्द इटली का वीजा दिलाया जाए। स्थानीय सिख समुदाय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इटली सरकार से आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है। यह घटना विदेशी धरती पर भारतीय समुदाय के भीतर बढ़ते आपसी तनाव की ओर भी इशारा करती है।

