
टीकमगढ़। तिंदारी गांव में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहरा गया है। वर्ष 2017 में शुरू की गई नल जल योजना ठप पड़ी है, जिसके चलते ग्रामीण पानी के लिए हैंडपंप और कुओं पर निर्भर हैं।
लगभग नौ साल पहले, 2017 में, शासन की योजना के तहत गांव में सोलर प्लेट लगाकर पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, कुछ ही महीनों के भीतर सोलर प्लेट खराब हो गईं और यह योजना बंद हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग
के कर्मचारियों ने सोलर प्लांट की प्लेटें और बोरवेल की मोटरें निकाल लीं, जिसके बाद से यह योजना पूरी तरह ठप है। गांव की लगभग 1,000 की आबादी अब कुओं और हैंडपंपों पर निर्भर है। कई हैंडपंप खराब हो चुके हैं और कुओं का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है। ग्रामीण महिला शांति देवी ने बताया कि पानी लाने के लिए लोगों को दो से तीन किलोमीटर दूर कुओं तक जाना पड़ता है। गांव में पाइपलाइन बिछाई गई थी और छोटी टंकियां भी बनाई गई थीं, लेकिन यह योजना केवल दो महीने ही
संचालित हो पाई। पीएचई अधिकारी अनिल लकरघा ने बताया कि गांव को प्रधानमंत्री नल जल योजना के तहत दोबारा शामिल किया गया है। पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और बान
सुजारा बांध से पानी उपलब्ध होते ही घरों तक आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने जल्द ही योजना के पुनः शुरू होने की उम्मीद जताई। तिंदारी गांव में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहरा गया है।
