हटा पुलिस की कार्रवाई: ऑपरेशन FACE के तहत फर्जी सिम गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

हटा/दमोह. जिले के हटा थाना क्षेत्र में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से सिम कार्ड एक्टिवेट कर बेचने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है.पुलिस ने मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने सैकड़ों लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी सिम जारी किए थे.

*ऑपरेशन FACE: साइबर सेल की पैनी नजर*

यह पूरी कार्रवाई पुलिस मुख्यालय और राज्य साइबर सेल भोपाल द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन FACE के तहत की गई है.इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फर्जी सिम प्रदाताओं और पहचान छुपाकर सिम बेचने वालों पर नकेल कसना है.पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया व एसडीओपी हटा सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.

*जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा*

राज्य और जिला साइबर सेल द्वारा उपलब्ध कराई गई 5 डायरेक्टरी के विश्लेषण से पता चला कि वर्ष 2019 से 2021 के बीच कुल 1204 फर्जी सिम कार्ड सक्रिय किए गए थे.जब टेलीकॉम कंपनियों से प्राप्त CAF (कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म) की सूक्ष्म जांच की गई, तो धोखाधड़ी की परतें खुलने लगीं.

कस्बा हटा निवासी प्रवीनराज दुबे और अखिलेश चौरसिया के बयानों ने मामले को स्पष्ट कर दिया. जांच में पाया गया कि आरोपियों ने इन गवाहों के आधार कार्ड का दुरुपयोग किया था.आरोपियों ने दूसरों के आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उनके नाम पर फर्जी सिम जारी करवा लिए.

*गिरफ्तार आरोपी और कार्यप्रणाली*

पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसमें भरत उर्फ मोंटी तंतवाय (पिता देवीसिंह तंतवाय, निवासी कमला नेहरू वार्ड, हटा) और रजनीश अहिरवार (पिता परसराम अहिरवार, निवासी ग्राम कुलुआ, हटा)।

*धोखाधड़ी*

आरोपी ग्राहकों के वास्तविक आधार कार्ड प्राप्त करते थे,

उन दस्तावेजों पर डिजिटल तरीके से अपनी फोटो लगाकर फर्जी पहचान पत्र तैयार करते थे.

वेरिफिकेशन के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों का उपयोग कर सिम एक्टिवेट करते थे और उन्हें आर्थिक लाभ के लिए बाजार में बेच देते थे.

*कानूनी कार्रवाई*

आरोपियों के विरुद्ध थाना हटा में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419, 468, 471, 34 व आईटी एक्ट की धारा 66 (C) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी अन्य डायरेक्टरी और CAF रिपोर्ट प्राप्त होना शेष है, जिससे इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

*टीम की सफलता एवं संदेश-*

इस जटिल तकनीकी मामले को सुलझाने में निरीक्षक सुधीर कुमार बेगी, उपनिरीक्षक नरेन्द्र तिवारी,प्रआ अनिल गौतम, महेंद्र कुमार और साइबर सेल से प्र.आर. सौरभ टंडन, राकेश आठ्या, रोहित राजपूत, मयंक दुबे, अभिषेक कोष्ठी सहित पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही.

*सावधानी संदेश-* पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने पहचान संबंधी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड) किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें और सिम कार्ड केवल अधिकृत केंद्रों से ही खरीदें.

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