पांढुरना: कन्याओं के विवाह के लिए प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आज अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर नगर के कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह कुल 197 कन्याओं का विवाह हुआ,जिसमें 108 आदिवासी,84 गायत्री पध्दती,एक निकाह तथा सात बौद्ध कन्याओं का समावेश रहा,इस विवाह के वर-वधु के परिजन,रिश्तेदारों के साथ ही विधायक नीलेश उइके,नपा अध्यक्ष संदीप घाटोड़े तथा गणमान्य नागरिक साक्षी बने।
योजना का लाभ लेंने तीन जोड़ों ने फिर किया था पंजीयन,दिखाया बाहर का रास्ता
प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत पांढुरना में कुल 200 कन्याओं द्वारा विधिवत पंजीयन किया गया था,जिसकी जांच करने में तीन इसी कन्याओं का पता चला जिनकी हाल ही पारिवारिक रीति-रिवाजों के अनुरूप पहले ही विवाह हो चुका है,लेकिन इस योजना कला लाभ लेंने के लिए इन्होंने यहां भी पंजीयन किया था,जांच उपरांत यह तथ्य उजागर होने के बाद इन तीन जोड़ों को अपात्र घोषित कर इन्हें इस विवाह समारोह में शामिल नहीं किया।
दो दिव्यांग भी बंधे विवाह बंधन में
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी मुख्यमंत्री कन्या दान योजना के तहत अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल को पांढुरना नगर जिला मुख्यालय के कृषि उपज मंडी परिसर में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था,जिसमें कुल 197 कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न हुए,जिसमें 108 आदिवासी,84 गायत्री पध्दती,एक निकाह तथा सात बौध्द कन्याओं का विवाह हुआ,जिसमें दो दिव्यांग जोड़ों का समावेश था।
एक साथ निकली 197 दुल्हों की बारात
जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में इस भव्य सामूहिक विवाह समारोह की प्रशासन के अधिकारियों द्वारा पुख्ता व्यवस्था की गई थी,197 दुल्हों की भव्य बारात नगर पालिका के लक्ष्मी स्मृति भवन से निकली जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विवाह स्थल कृषि उपज मंडी पहुंची,इस विवाह समारोह के विधायक नीलेश उइके,नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोंडे अन्य जनप्रतिनिधि ,अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
कन्याओं के बैंक खाते में जमा कराई जाएंगी शगुन की राशि
इस सामूहिक विवाह में कन्याओं के धर्म के अनुरूप इनका पूरे विधि विधान के साथ विवाह कराया,वहीं शासन की और से कन्याओं को शगुन के तौर पर दी जाने वाली राशि सीधे कन्याओं के बैंक खातें में जमा कराई जाएंगी,इस विवाह समारोह के बाद सभी के लिए इसी परिसर में भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।
