
जबलपुर। बरेला थाना अंतर्गत जुनवानी कंचनपुर टोला में15 साल की बालिका दुल्हन बनने वाली थी। 20 अप्रैल को बालिका का विवाह कराया जा रहा था। जैसे ही जिसकी भनक लगते महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने पहुंचकर बाल विवाह रुकवा दिया। परिवार ने अब 18 साल के बाद शादी का आश्वासन दिया है।
सेक्टर पर्यवेक्षक नीरजा वर्मा को सूचना मिली थी कि ग्राम जुनवानी की बालिका का बाल विवाह कराया जा रहा है। शनिवार को जाँच दल गाँव पहुँचा। जाँच में पाया गया कि बालिका के आधार कार्ड में जन्म तिथि 01 जनवरी 2012 और जन्म प्रमाण पत्र में 29 जनवरी 2011 दर्ज है। इस हिसाब से बालिका की उम्र लगभग 15 वर्ष है। जाँच दल ने बालिका की मां, बड़ी माँ एवं दादी को समझाइश दी। परिवार को बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने पर 2 वर्ष तक की जेल और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई होगी। विवाह में शामिल होने वाले पंडित, नाई और बैंड वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। समझाइश के बाद बालिका की माता, बड़ी मां एवं दादी ने आश्वासन दिया कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही करेंगे। लडक़े के पिता का देहांत हो चुका है, इसलिये उसके मामा से बात की गई। लडक़े के मामा ने भी बालिका की 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही विवाह करने की बात कही। बालिका वर्तमान में 10वीं कक्षा में पढ़ रही है। अधिकारियों ने उसे पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
