नयी दिल्ली, 17 अप्रैल(वार्ता) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से राजधानी दिल्ली में मध्यप्रदेश के धार और खरगोन जिले के किसानों ने मिलकर उनके समक्ष करेले की फसल में अमानक बीज और रोपाई से हुए भारी नुकसान का मामला रखा।
इस पर श्री सिंह ने कड़ा रूख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनके निर्देशों के बाद धार जिले के मनावर थाने में संबंधित कंपनी- नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
श्री चौहान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि किसानों के हित उनके लिए सर्वोपरि हैं। इन निर्देशों के बाद प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराएं 3 व 7 तथा बीज अधिनियम, 1966 की धारा 19 के तहत मामला दर्ज किया गया । प्राथमिकी में नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना को आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है।
किसानों की शिकायत है कि उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से संबंधित इस कंपनी के बीज खरीदे थे, लेकिन बुआई और रोपण के बाद करेला फसल में अपेक्षित उत्पादन नहीं हुआ और फल छोटे, पीले होकर गिरने लगे। फसल उत्पादन में आई भारी गिरावट के बाद किसानों ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अमानक बीज एवं अमानक बीज से तैयार रोपे किसानों को प्रमाणित बताकर बेचे गए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा।
किसानों ने दिल्ली आकर श्री सिंह को मामले से अवगत कराया तो उन्हाेंने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया। घटिया बीज और कृषि आदानों के मामले में श्री चौहान बार-बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि किसानों की मेहनत, फसल और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
