नई दिल्ली | अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय राजनयिक तरणजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ के जरिए विशेष बधाई दी है। ट्रंप ने संधू के राजनयिक कौशल की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें एक अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता बताया। उन्होंने अपने संदेश में विश्वास जताया कि संधू के मार्गदर्शन में दिल्ली न केवल प्रगति करेगी, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच वैश्विक संबंध भी एक नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे। किसी वैश्विक नेता द्वारा दिल्ली के उपराज्यपाल के लिए इस तरह की सार्वजनिक प्रतिक्रिया को कूटनीतिक हलकों में संधू के अंतरराष्ट्रीय कद के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 1988 बैच के अधिकारी रहे तरणजीत सिंह संधू का वाशिंगटन डीसी में भारत के राजदूत के रूप में कार्यकाल बेहद सफल रहा है। उनके नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच सामरिक और रक्षा साझेदारी ने कई ऐतिहासिक मुकाम हासिल किए। केंद्र सरकार द्वारा उन्हें दिल्ली का प्रशासक नियुक्त करना एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली जैसी वैश्विक राजधानी को एक ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता थी, जो स्थानीय प्रशासनिक चुनौतियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शहर की छवि को संवार सके। संधू का दशकों का कूटनीतिक अनुभव दिल्ली के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
तरणजीत सिंह संधू की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली प्रदूषण, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक समन्वय जैसे गंभीर मुद्दों से जूझ रही है। एक कुशल प्रशासक के रूप में उनकी भूमिका राजधानी को ‘फ्यूचर रेडी’ बनाने और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं को गति देने में अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। ट्रंप की सराहना के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि संधू निर्वाचित सरकार के साथ किस तरह का तालमेल बिठाते हैं। फिलहाल, दिल्ली को एक ऐसा सख्त और अनुभवी प्रशासक मिला है, जिसकी साख दिल्ली से लेकर व्हाइट हाउस तक फैली हुई है।

