जबलपुर: भूतपूर्व नगर अध्यक्ष जी.एस. ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोपों को साईं पिल्ले ने पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। पत्रकार वार्ता में साईं पिल्ले ने बताया कि 7 मार्च को पीड़िता और उसकी मां उनके पास सहायता के लिए आई थीं, जिसके बाद उन्होंने अधिवक्ताओं के साथ थाना प्रभारी से संपर्क कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कराई। मामले की जानकारी अन्य महिला संगठनों को भी लगी, जिन्होंने पीड़िता पर दबाव बनाने वालों के खिलाफ एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने आरोप लगाया कि 20 मार्च को पीड़िता की सुनवाई थाने में नहीं हुई, जिसके चलते वह आत्महत्या के इरादे से तिलवारा पुल तक पहुंच गई थी। साथ ही, 21 और 22 मार्च को जी.एस. ठाकुर द्वारा पीड़िता को धमकाने और फोन कॉल करने की बात भी सामने रखी, जिसकी जांच सीसीटीवी और कॉल डिटेल्स से कराने की मांग की गई है। साईं पिल्ले ने कहा कि 28 मार्च को एसपी कार्यालय में आवेदन दिया गया और 7 अप्रैल को थाने में लंबी प्रक्रिया के बाद रात में एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं।
जी.एस. ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे पीड़िता का साथ देने के बजाय आरोपी पक्ष के समर्थन में खड़े हैं। साथ ही, उन्होंने संपत्ति विवाद, पद के दुरुपयोग और अन्य सामाजिक मामलों को लेकर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। साईं पिल्ले ने कहा कि वे हर हाल में पीड़ित महिलाओं के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने समाज से अपील की कि ऐसे मामलों में अपराधियों का नहीं, बल्कि पीड़ितों का समर्थन किया जाना चाहिए।
