नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (वार्ता) प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में दिल्ली-एनसीआर, गोवा, जयपुर और मुंबई में सात स्थानों पर 32वें एवेन्यू ग्रुप मामलों की जारी जांच के सिलसिले में छापे मारे। ईडी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
ईडी ने समूह के प्रमोटर निदेशक अनुभव शर्मा, ध्रुव शर्मा और दूसरे लोगों के खिलाफ आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन मामलों (पीएमएलए) के तहत अपनी जांच शुरू की।
उन्होंने बताया कि आरोपी कथित तौर पर संगठित और नियोजित आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे, जिसमें निवेशक को लुभाना, सम्पति का कब्जा न देना, धन को दूसरी जगह ले जाना और उसका गलत इस्तेमाल करना, जाली और बनावटी दस्तावेज बनाना और उनका इस्तेमाल करना, कानूनी बकाया का भुगतना न करना और कई कंपनियों के जरिए अपराध से कमाया पैसा का धनशोधन करना शामिल था।
ईडी की जांच में पता चला कि आरोपियों ने निवेशकों के धन को दूसरी जगह लगाकर गैर-कानूनी कामों से 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की। बाद में इस धन को शेल और बेनामी कंपनियों के कई खातों के ज़रिए जमा किया गया।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने कई निवेशकों को वर्चुअल वाणिज्यिक जगह बेची, बाद में उन्हीं जगहों को लीज़ पर ले लिया, और कुछ महीनों के लिए आकर्षक किराये की पेशकश कर दी। फिर उन्हीं वर्चुअल जगह को प्रोजेक्ट लेआउट मैप में बदल दिया गया और दूसरे निवेशकों को फिर से बेच दिया गया। इस तरह, वर्चुअल वाणिज्यिक जगहों की आड़ में कथित तौर पर एक धोखाधड़ी पोंजी स्कीम चलाई गई, जिसमें आम जनता को धोखा दिया गया।
उन्होंने बताया कि कथित तौर पर निदेशकों और प्रमोटर्स ने अनजान निवेशकों से इकट्ठा किए गए धन का इस्तेमाल शानदार जीवन जीने के लिए किया, जिसमें गुरुग्राम में हाई-एंड अपार्टमेंट और गोवा में एक यॉट के अलावा दूसरी सम्पतियां खरीदना शामिल था। उन्होंने बताया कि तलाशी अभियान में 1.05 करोड़ रुपये नकद ज़ब्त किया गया, लॉकर्स फ्रीज़ किए गए, और लगभग 1.5 करोड़ रुपये कीमत के सोने और और जेवरात बरामद किये गये।
इसके अलावा, सम्पति से जुड़े कई दस्तावेज , कई डिजिटल डिवाइस और दूसरी आपत्तिजनक चीज़ें ज़ब्त की गईं, और कुछ बैंक खाते फ़्रीज़ कर दिए गए। गुरुग्राम, गोवा और महाराष्ट्र में ज़मीन और बिल्डिंग समेत कई अचल सम्पति की भी पहचान अपराध से कमाए गए पैसे के तौर पर हुई है।
उन्होंने बताया कि ध्रुव शर्मा और शिरीन शर्मा को हरियाणा पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है और वे अभी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि अनुभव शर्मा और ममता शर्मा फ़रार हैं। मामले की जांच जारी है।
