
पांढुरना। जिले में राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण, सीमांकन कार्यों में तेजी लाने तथा नामांतरण एवं बटवारा प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निपटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
राजस्व प्रकरणों का त्वरित करें निराकरण 000
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने कहा कि पांढुर्णा छोटा जिला होने के कारण यहां राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण संभव है, इसलिए सभी अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों को शीघ्र समाप्त करें।
अब प्रत्येक सोमवार को होँगी बैठक 000
प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और समन्वय बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने प्रत्येक सोमवार को नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे सभी तहसीलदार एवं एसडीएम आपसी तालमेल के साथ कार्यों की प्रगति सुनिश्चित कर सकें।
तिगांव,नांदनवाड़ी के प्रकरणों का करे निराकरण 000
बैठक में विशेष रूप से नांदनवाड़ी एवं तिगांव के लंबित स्वामित्व प्रकरणों को इसी माह में निराकृत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही नामांतरण एवं बटवारा प्रकरणों में बिना दर्ज मामलों की पहचान कर तहसील स्तर पर निरीक्षण करने तथा प्रत्येक राजस्व न्यायालय का क्रॉस निरीक्षण कराने पर जोर दिया गया। न्यायालयों के निरीक्षण के लिए रोस्टर तैयार करने एवं भ्रमण डायरी की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
अब सुबह 5 बजे पटवारियों को जाना होंगा फ़ील्ड में 000
सीमांकन कार्यों को गति देने के लिए कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने निर्देशित किया कि प्रतिदिन सुबह 5 बजे से सीमांकन कार्य प्रारंभ किया जाए तथा 11 मई 2026 तक सभी लंबित सीमांकन प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। पटवारियों को निर्देश दिए गए कि वे सुबह 5 बजे से फील्ड में जाकर कार्य करें।
तहसीलदार को करना होंगा आंगनवाड़ी, स्कूल का निरीक्षण 000
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को आंगनवाड़ी, स्कूल, कृषि क्षेत्र एवं वेयरहाउस के नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी। निर्देश दिए गए कि प्रत्येक माह कम से कम तीन स्कूल, तीन आंगनवाड़ी और दो वेयरहाउस का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।
लापरवाह पटवारियों पर गिरेंगी गाज 000
अविवादित नामांतरण प्रकरणों को 10 दिवस के भीतर निराकृत न करने पर संबंधित पटवारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, जबकि विवादित प्रकरणों को एक माह के भीतर हल करने की समय-सीमा तय की गई।
पटवारियों की बनेंगी गोपनीय रिपोर्ट 000
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक पटवारी की कार्यप्रणाली की समीक्षा एसडीएम के माध्यम से की जाएगी तथा लंबित प्रकरणों के आधार पर गोपनीय प्रतिवेदन तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नजर पेट (नजूल/पट्टा) प्रकरणों की विस्तृत जानकारी एक माह के भीतर एकत्रित करने के लिए टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह रहे उपस्थित 000
बैठक में अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा एवं सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, एसडीएम सौसर सिद्धार्थ पटेल,डिप्टी कलेक्टर प्रियंक मिश्रा एवं सुश्री प्रेक्षा पाठक, सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
