ट्रम्प ने रियाद में सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात की

वाशिंगटन/दमिश्क (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीरिया पर लंबे समय से लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद वहां राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से सऊदी अरब में मुलाकात की।

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यह बैठक पिछली नीति से चौंकाने वाले बदलाव का संकेत देती है, क्योंकि अल-शरा, एक पूर्व जिहादी कमांडर, पर एक बार कई वर्षों तक 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम था।

अल-शरा की विद्रोही सेनाओं ने पिछले साल दमिश्क पर आक्रमण का नेतृत्व किया था, जिसने बशर अल-असद के दशकों पुराने शासन को उखाड़ फेंका था। तब से उन्होंने खुद को एक ऐसी सरकार के प्रमुख के रूप में स्थापित किया है जो खुद को दुनिया के सामने समावेशी और लोकतांत्रिक के रूप में पेश करती है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि श्री ट्रम्प ने अल-शरा को बताया कि उनके पास अपने देश में कुछ ऐतिहासिक करने का एक बहुत बड़ा अवसर है और उन्होंने सीरियाई नेता को अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करके इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने में सऊदी अरब के साथ शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।

श्री ट्रम्प ने अल-शरा से यह भी कहा कि उन्हें सभी विदेशी आतंकवादियों को सीरिया छोड़ने , फिलिस्तीनी आतंकवादियों को निर्वासित करने , आईएस के पुनरुत्थान को रोकने के लिए अमेरिका की मदद करने के साथ ही उत्तर-पूर्व सीरिया में आईएस हिरासत केंद्रों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

बंद कमरे में हुई बैठक में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भाग लिया, जबकि तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन फोन के जरिए शामिल हुए।

श्री एर्दोगन ने सीरिया पर प्रतिबंध हटाने के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प की प्रशंसा की और सीरिया में शांति एवं समृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए सऊदी अरब के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जतायी।

क्राउन प्रिंस मोहम्मद ने भी इस भावना को दोहराया और श्री ट्रम्प के कदम को साहसी बताया।

अल-शरा ने बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए श्री ट्रम्प, मोहम्मद बिन सलमान और श्री एर्दोगन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करने और रासायनिक हथियारों को खत्म करने में अमेरिका के साथ सीरिया के साझा हितों की भी पुष्टि की।

श्री ट्रम्प ने इस अवसर का उपयोग ईरान पर निशाना साधने के लिए किया और चेतावनी दी कि भविष्य के किसी भी परमाणु समझौते के लिए ईरान को क्षेत्रीय मिलिशिया के लिए समर्थन बंद करना होगा तथा अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह से त्यागना होगा। उन्होंने कहा, “ईरान को आतंकवाद को प्रायोजित करना बंद करना और अपने खूनी छद्म युद्धों को रोकना तथा परमाणु हथियारों की खोज को स्थायी रूप से और सत्यापित रूप से बंद करना चाहिए।”

 

 

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