मुंबई | वर्धा के एक साधारण पुजारी परिवार से आने वाले तेज गेंदबाज सौरभ दुबे का करियर छह महीने पहले खत्म माना जा रहा था। चोट के कारण विदर्भ टीम से बाहर होने और घरेलू क्रिकेट में वापसी के बंद दरवाजों के बीच, सौरभ ने हार नहीं मानी। उन्होंने नाइट टेनिस बॉल टूर्नामेंट्स से लेकर अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की। अंततः, आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें मौका दिया, जहाँ उन्होंने अपनी गेंदबाजी के दम पर दुनिया के बड़े बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल दिया है।
सौरभ ने आईपीएल में पदार्पण करते ही अपनी काबिलियत साबित कर दी। आरसीबी के खिलाफ अपने पहले ओवर में मात्र एक रन देकर 5 डॉट गेंदें फेंकने वाले सौरभ ने सबका ध्यान खींचा। इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ जोस बटलर को अपना पहला आईपीएल शिकार बनाकर उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए। 20 मई को मुंबई इंडियंस के खिलाफ रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे टी20 दिग्गजों को आउट कर उन्होंने न केवल सुर्खियां बटोरीं, बल्कि खुद को आईपीएल के एक भरोसेमंद गेंदबाज के रूप में स्थापित भी किया।
राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज से तारीफ पा चुके सौरभ दुबे की गेंदबाजी में स्विंग, अतिरिक्त उछाल और सटीक यॉर्कर डालने की अद्भुत क्षमता है। एनसीए और अंडर-23 टीम के अनुभवों ने उन्हें दबाव की स्थितियों में शांत रहना सिखाया है। कठिन दौर को पीछे छोड़ते हुए सौरभ आज जिस मुकाम पर हैं, वह उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन का परिणाम है। क्रिकेट गलियारों में अब उनके नाम की चर्चा है और प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि यह युवा गेंदबाज भविष्य में भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा सितारा साबित होगा।

