इंदौर: जिले में महू से लेकर सांवेर तहसील के गांवों तक तेंदुए की मौजूदगी और हमलों से दहशत का माहौल बना हुआ है. एक ओर जहां महू क्षेत्र में आपसी संघर्ष में मादा तेंदुए की मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर सांवेर के गांवों में वन विभाग की टीम दिनभर तेंदुए के मूवमेंट के सबूत तलाशती रही.डीएफओ लाल सुधाकर सिंह ने बताया कि महू फॉरेस्ट रेंज के आशापुरा बीट के जंगल में लगभग 18 महीने की मादा तेंदुए की मौत आपसी संघर्ष में हुई. बड़े तेंदुए ने उसकी गर्दन दबोचकर सांस की नली तोड़ दी, जिससे उसकी मौत हो गई.
मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम वेटनरी डॉक्टरों की मौजूदगी में करवा कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया है. मामले में पूरी जांच पड़ताल के बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है. उधर, सांवेर तहसील के सिलोटिया और सल्लूखेड़ी गांवों में वन विभाग की टीम दिनभर तेंदुए के पंजों के निशान और अन्य सबूत तलाशती रही. टीम ने किसानों से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए और सल्लूखेड़ी में पिंजरे में जानवर रखकर निगरानी की व्यवस्था की. विभाग ने सांवेर क्षेत्र के गांवों में निगरानी और गश्त के लिए टीमों की ड्यूटी लगा दी है.
