डिमांड पर थानों से दी जा रही ड्रग्स व शराब

जबलपुर। सागर में डिमांड पर थाने से मिल रही ड्रग्स व शराब के संबंध में प्रकाशित खबर को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थीर। याचिका में खबर का हवाला देते हुए कहा गया था कि सागर जिले के चार थानों से पुलिस द्वारा नशे के कारोबार को बढ़ावा देते हुए देह व्यापार को संरक्षण दिया जा रहा है। जिसका स्टिंग ऑपरेशन भी किया गया है और वीडियो भी मौजूद है। जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस रामकुमार चौबे की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए आवेदक को उक्त वीडियो फुटेज व रिकॉर्डिंग सात दिनों में पेश करने के निर्देश दिये है। युगलपीठ ने संबंधित अखबार के मुख्य संपादक व रिपोर्टर को भी पक्षकार बनाने के निर्देश न्यायालय ने दिये है।

एडवोकेट यूनियन फॉर डेमोक्रेसी एंड सोशल जस्टिस नामक संस्था की तरफ से दायर जनहित याचिका में कहा गया था कि एक अखबार में 30 नवंबर 2025 को प्रकाशित खबर के अनुसार सागर के चार पुलिस थाने में डिमांड पर थाने से मिल रही ड्रग्स, टीआई ने दिलाई शराब, सहित पुलिस सरंक्षण में चल रहे देह व्यापार का आरोप लगाये गये है। इतना ही नहीं आवेदक की ओर से कहा गया कि खबर में बताया गया है कि चौराहे पर ड्रग्स मांगी तो मोतीनगर थाने के अंदर से एक नाबालिग पंद्रह पुडिय़ा लेकर आ गया।

याचिका में कहा गया है कि स्टिंग ऑपरेशन करने वाले तीन पत्रकारों ने भी एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की है, जो कि लंबित है। इतना ही नहीं स्टिंग ऑपरेशन के समस्त फोटो वीडियो एवं वॉयस रिकॉर्डिंग न्यायालय में दाखिल कर दी गईं है एवं प्रकाशित खबर को प्रमाणित किया गया है। उक्त तीनो पत्रकारों द्वारा पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने एवं उन पर झूठे आपराधिक मामले पंजीबद्ध करने की शंका व्यक्त की गई है, तथा याचिकाकर्ताओं द्वारा अपने प्राणों को खतरा भी व्यक्त किया गया है जिसकी रक्षा हेतु हाईकोर्ट से प्रकरण में हस्तक्षेप कर सम्पूर्ण प्रकरण की जाँच सीबीआई या एसआईटी द्वारा हाईकोर्ट की निगरानी मे कराए जाने की मांग की गई है।

याचिका में सागर जिले के चार थाना गोपालगंज, मकरोनिया, मोतीनगर एवं बहेरिया के थाना प्रभारियों सहित सागर के पुलिस अधीक्षक एवं आईजी को पक्षकार बनाया गया है। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अधिवक्ता पुष्पेंद्र कुमार शाह एवं वरुण ठाकुर ने पैरवी की।

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