
जबलपुर। प्रदेश के अनूपपुर जिले में जमानत नहीं देने पर जिला न्यायालय के न्यायाधीश के सरकारी आवास में हमले तथा अन्य जिलों में जिला न्यायाधीशों के घर हुई चोरी की घटनाओं के संबंध में सरकार की तरफ से हाईकोर्ट के विस्तृत रिपोर्ट पेश की गयी। रिपोर्ट में विवेचना के स्टेटस तथा गिरफ्तारी की संबंध में जानकारी पेश की गयी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेते हुए अगली सुनवाई 8 जनवरी को निर्धारित की है।
गौरतलब है कि 23 जुलाई 2016 को मंदसौर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर न्यायाधीश राजवर्धन गुप्ता के साथ मारपीट की घटना हुई थी। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार जनरल मनोहर ममतानी ने घटना की जांच कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश की थी। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए न्यायाधीशों और उनके परिवारों की सुरक्षा के मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के निर्देश दिये थे। हाईकोर्ट ने पूर्व में याचिका की सुनवाई करते हुए पूरे प्रदेश के कोर्ट परिसरों के चारों ओर पर्याप्त ऊंचाई की बाउंड्री वॉल, कोर्ट परिसर में पुलिस चौकियां तथा जजों के आवासीय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में राज्य सरकार को आवष्यक दिशा -निर्देश जारी किये थे।
पिछली सुनवाई के दौरान जमानत आवेदन निरस्त करने पर अनूपपुर में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अमनदीप सिंह छाबड़ा के सरकारी आवास पर हुए हमले तथा प्रदेश के अन्य जिलो में न्यायाधीशों के घरों में हुई चोरी की घटनाओं पर युगलपीठ ने नाराजगी व्यक्त की थी। युगलपीठ ने घटना के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किये थे। याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से प्रदेश में जिला न्यायाधीशों के साथ हुई घटनाओं के संबंध में पुलिस कार्यवाही की स्टेटस रिपोर्ट पेश की गयी।
