इंदौर. जिला कोर्ट ने विवाह का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कड़ी टिप्पणी भी की.
मामले में सामने आया कि पीड़िता की आरोपी से पहचान वर्ष 2021 में एक जन्मदिन पार्टी के दौरान हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और युवती इंदौर आकर रहने लगी. कुछ समय बाद आरोपी ने नौकरी की जरूरत बताई, जिस पर युवती ने उसे अपने संपर्कों के जरिए एक फर्नीचर फैक्ट्री में काम दिलवाया. करीब एक माह बाद कार्यस्थल पर विवाद होने पर युवती ने नौकरी छोड़ दी और जबलपुर लौटने की तैयारी करने लगी. इसी दौरान आरोपी ने उसे रोककर शहर में किराए का कमरा दिलवाया और खुद भी उसके साथ रहने लगा. इस दौरान आरोपी ने शादी का वादा कर युवती के साथ लगातार करीब तीन माह तक शारीरिक संबंध भी बनाए. बाद में वह अचानक जबलपुर चला गया. संपर्क करने पर उसने बताया कि उसकी सगाई पहले से तय है और वह विवाह नहीं कर सकता. परिजनों ने भी शादी से साफ इंकार कर दिया. धोखा सामने आने के बाद पीड़िता ने आजाद नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश किया. सुनवाई के दौरान साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया. कोर्ट ने 10 अप्रैल को आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई. मामले में शासन की ओर से एजीपी जयंत दुबे ने पैरवी की.
कोर्ट ने माना गंभीर अपराध…
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसे मामलों में नरमी बरतना समाज के लिए घातक हो सकता है, इसलिए दोषियों को कड़ी सजा देना जरूरी है ताकि इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके.
