
गंजबासौदा: राजेंद्र नगर से नौलखी मंदिर होते हुए बेतवा रोड तक जाने वाला मार्ग इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है. सड़क की खराब हालत के साथ-साथ आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या ने आमजन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन यातायात बाधित होता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
इस क्षेत्र में गाय, सांड और बछड़े झुंड के रूप में सड़क पर बैठे रहते हैं. कई बार ये मवेशी पूरे मार्ग को अवरुद्ध कर देते हैं, जिससे वाहन चालकों को काफी देर तक रुकना पड़ता है. स्थिति
यह होती है कि वाहन चालक लगातार हॉर्न बजाते रहते हैं, लेकिन मवेशी रास्ता नहीं छोड़ते. बड़ी मुश्किल से जब मवेशी हटते हैं, तब जाकर यातायात सुचारू हो पाता है.
सड़क की जर्जर हालत ने बढ़ाई परेशानी
इस मार्ग पर केवल मवेशी ही
गौशाला प्रबंधन पर भी उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ गौशाला संचालक मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे यह समस्या और गंभीर हो रही है. लोगों का कहना है कि यदि मवेशियों की उचित देखरेख और व्यवस्था की जाए तो इस समस्या से काफी हद तक नहीं, बल्कि सड़क की खराब स्थिति भी बड़ी समस्या बनी हुई है. कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है और गड्डों के कारण वाहन चलाना कठिन हो गया है. बरसात में स्थिति और अधिक खराब होने की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और
राहत मिल सकती है. रात्रि के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है. अंधेरे में सड़क पर बैठे मवेशी दिखाई नहीं देते, जिससे कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. यह समस्या विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए अधिक जोखिमपूर्ण है.सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए. साथ ही गौशाला संचालकों को भी जिम्मेदार बनाया जाए ताकि मवेशियों को सड़क पर छोड़ा न जाए. लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन, गौशाला प्रबंधन और समाज मिलकर इस समस्या पर गंभीरता से काम करें तो जल्द ही राहत मिल सकती है और यह मार्ग सुरक्षित एवं सुगम बन सकता है.
