नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (वार्ता) दिल्ली पुलिस की स्पेशल यूनिट ‘आईएफएसओ’ ने अवैध ‘सिम बॉक्स’ तकनीक का उपयोग कर चलाए जा रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैभव राज (29) और अनिल कुमार (28) के रूप में हुई है। इन्हें पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके से पकड़ा गया है। यह सिंडिकेट कंबोडिया और अन्य दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में बैठे हैंडलर्स के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क चला रहा था। ये आरोपी अवैध जीएसएम गेटवे का उपयोग कर अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को स्थानीय कॉल्स में बदल देते थे, जिससे विदेशी जालसाज भारतीय बनकर लोगों को चूना लगाते थे।
जांच के दौरान मयूर विहार स्थित एक किराए के फ्लैट से 32-स्लॉट वाला सक्रिय सिम बॉक्स, 350 से अधिक सिम कार्ड, मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए गए हैं। आरोपी खुद को पुलिस, सीबीआई या कस्टम अधिकारी बताकर पीड़ितों को गिरफ्तारी की धमकी देते थे और जांच के नाम पर उनसे मोटी रकम “सत्यापन खातों” में ट्रांसफर करवा लेते थे।
पुलिस ने बताया कि ये आरोपी भारत में तकनीकी बुनियादी ढांचा तैयार करने, सिम कार्ड उपलब्ध कराने और फर्जी बैंक खातों का प्रबंधन करने का काम करते थे। फिलहाल इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य संपर्कों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
