पुलिसिंग में पारदर्शिता और संवेदनशीलता जरूरी: डीजीपी

भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने 44वें और 45वें बैच के प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) को नवीन पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में संबोधित करते हुए पुलिसिंग में ईमानदारी, पेशेवर दक्षता और तकनीकी तैयारियों पर विशेष जोर दिया। इस सत्र में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के कुल 49 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल हुए।

डीजीपी ने चयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्हें निष्पक्षता, समर्पण और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों को गंभीर चुनौती बताते हुए अधिकारियों को अपनी तकनीकी क्षमताओं को लगातार अद्यतन रखने की आवश्यकता बताई और iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म इंडिया पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों का लाभ उठाने की सलाह दी।

उन्होंने पुलिस सेवा को जनसेवा का सशक्त माध्यम बताते हुए गरीब और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने तथा अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही कानूनों का पालन, नए आपराधिक प्रावधानों की जानकारी और भ्रष्टाचार से दूर रहने की हिदायत दी।

श्री मकवाणा ने कहा कि पुलिस की कार्यवाही पर मीडिया, न्यायालय और विभिन्न संस्थाओं की सतत निगरानी रहती है, इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निष्पक्ष जांच, धैर्यपूर्वक सुनवाई और तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने के महत्व को रेखांकित किया।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं अकादमी निदेशक मोहम्मद शाहिद अबसार ने बताया कि प्रशिक्षण में कानून-व्यवस्था, अपराध अनुसंधान, आईटी, साइबर अपराध और फील्ड अनुभव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कई प्रशिक्षु भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षित हैं, जो राज्य में आधुनिक पुलिसिंग को नई दिशा देंगे।

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