तेहरान, 10 मई (वार्ता) ईरान ने संकेत दिया है कि वह इस गर्मी में होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगा, लेकिन टीम के हिस्सा लेने को लेकर बढ़ते तनाव के बीच उसने फीफा और टूर्नामेंट के मेज़बानों से कई तरह की गारंटी की मांग की है। ईरानी फुटबॉल फेडरेशन ने कहा कि ईरान टूर्नामेंट में “अपनी मान्यताओं, संस्कृति और सिद्धांतों से बिना किसी समझौते के” मुकाबला करेगा, साथ ही इस बात पर भी ज़ोर दिया कि मेज़बानों को “हमारी चिंताओं को ध्यान में रखना चाहिए”। बीबीसी स्पोर्ट के अनुसार, ये मांगें तब सामने आईं जब पिछले महीने फीफा कांग्रेस से पहले ईरानी फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष मेहदी ताज को कनाडा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। बाद में ताज ने बताया कि ईरान ने वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए फीफा के सामने 10 शर्तें रखी थीं। यह टूर्नामेंट 11 जून से संयुक्त राज्य अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में शुरू होगा।
शनिवार को जारी एक बयान में प्रकाशित मांगों में यह गारंटी भी शामिल है कि टीम के साथ यात्रा करने वाले सभी खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों को वीज़ा मिलेगा, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ अपनी सैन्य सेवा पूरी की है। इस समूह को कनाडा और अमेरिका में एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, और मेहदी ताज के इस समूह से संबंधों को ही कनाडा में उनके प्रवेश से इनकार करने का कारण बताया गया था। ईरान राष्ट्रीय टीम के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर भी आश्वासन चाहता है, जिसमें ईरानी झंडे और राष्ट्रगान का सम्मान, साथ ही टूर्नामेंट के दौरान हवाई अड्डों, होटलों और स्टेडियमों में सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करना शामिल है। इनमें से कुछ अनुरोधों पर फीफा के लिए असर डालना दूसरों की तुलना में ज़्यादा आसान साबित हो सकता है।

