सीधी:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अपरान्ह सीधी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। जनता एवं जन प्रतिनिधि गणों की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए जहां कलेक्टर सीधी को हटाने के निर्देश दिए वहीं जिला पंचायत सीधी सीईओ को निलंबित किया गया।मुख्यमंत्री के दौरे की महज तीन घंटे पहले सूचना दी गई। ऐसे में व्यवस्था बनाने में रविवार को अवकाश के दिन अधिकारियों में काफी अफरा-तफरी देखी गई। पहले मुख्यमंत्री का जो भी कार्यक्रम होता था तीन दिन पहले शेड्यूल जारी होता था लेकिन अचानक सीएम का कार्यक्रम तय हुआ अधिकारियों में पसीना छूटने लगा। आनन-फानन व्यवस्था बनाने में अधिकारी जुटे रहे। मुख्यमंत्री पनवार हवाई पट्टी में आने के बाद सीधे उच्च विश्राम गृह आए उसके बाद अधिकारियों की क्लास लिए।
चंद घंटे के लिए आए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उच्च विश्राम गृह में कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी पर काफी नाराजगी जताए हैं। इस दौरान डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट किया कि सीधी जिला मुख्यालय में आकस्मिक निरीक्षण किया। इसमें जनता एवं जन प्रतिनिधि गणों की शिकायतों, जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा एवं फीडबैक के आधार पर जिला कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिए हैं। वहीं जिला सहकारी बैंक सीधी के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। अधिकारी जहां काम कर रहे हैं उनको जवाबदारी से काम करना चाहिए। जवाबदारी उनकी नियुक्ति के साथ जारी होती है। फिलहाल अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने को लेकर भी मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है कि अपने संयम दायरे में रहें। जनता के हितों को लेकर काम करें अन्यथा जनता यदि शिकायत करेगी तो कार्रवाई निश्चित रूप से होगी।
कुछ अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई की दहशत-
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सीधी में आकस्मिक दौरे और सख्त तेवर के चलते कुछ अधिकारी दहशत में है। कलेक्टर एवं जिला सहकारी बैंक पर कार्रवाई के बाद अन्य अधिकारियों पर गाज गिरने के कयास लगाये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि उन्होने सीधी जिले की जमीनी स्थिति का आंकलन किया। इस प्रकार के दौरे से वास्तविक समस्याओं की पहचान होती है और प्रशासन को आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने की दिशा मिलती है। सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
इनकी रही खास मौजूदगी–
इस दौरान सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, समाजसेवी देव कुमार सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। साथ ही कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी, अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
