
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर व्यंग्य और डिजिटल कैंपेन के नए दौर में उभरी कॉकरोच जनता पार्टी अचानक देश में चर्चा के केंद्र में आ गई है। आज गुरुवार को दावा किया गया कि पार्टी का X अकाउंट भारत में बैन या विथहेल्ड कर दिया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि X ने स्थानीय कानून, कोर्ट आदेश या कानूनी शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की है। हालांकि, इस कार्रवाई के बीच इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती दिखाई दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक महज छह दिनों में इसके फॉलोअर्स 1.26 करोड़ तक पहुंच गए, जो भारतीय जनता पार्टी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स से काफी अधिक बताए जा रहे हैं।
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक व्यंग्यात्मक डिजिटल मूवमेंट के रूप में सामने आई है। इसकी शुरुआत उस विवाद के बाद हुई, जिसमें कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। बाद में भारत के मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया था। इसी विवाद के बाद सोशल मीडिया पर व्यंग्य और मीम संस्कृति के जरिए कॉकरोच जनता पार्टी का कैंपेन तेजी से वायरल हो गया।
पार्टी ने खुद को सेकुलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी नारे के साथ पेश किया। इसके साथ व्यंग्यात्मक लोगो, ऑनलाइन सदस्यता अभियान और युवाओं को जोड़ने वाले कई तंज भरे संदेश वायरल हुए। सदस्यता के लिए बेरोजगार होना, हमेशा ऑनलाइन रहना और प्रोफेशनली भड़ास निकालने जैसी शर्तें बताई गईं, जिन्हें सोशल मीडिया यूजर्स ने बड़े पैमाने पर शेयर किया।
