सीहोर। अपनी नागरिकता व मोहल्ले के अस्तित्व को लेकर परेशान टप्पर मोहल्ला के नागरिकों ने जनसुनवाई में अधिकारियों को अपनी विभिन्न परेशानियों से अवगत कराते हुए ज्ञापन दिया है. नागरिकों ने समस्याओं के निराकरण कराने की मांग की है. मांग पूरी नहीं हुई तो नागरिक चक्का जाम और आंदोलन भूख हड़ताल करेंगे.
टप्पर मोहल्ला क्षेत्र के नागरिक मूलभूत सुविधाओं से बुरी तरह महरूम हो गए हैं. नपा यहां रहने वाले नागरिकों को अपना नहीं मान रही है. इछावर विधानसभा क्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायत भी टप्पर मोहल्ला क्षेत्र को अपना मानने से इंकार कर चुकी है. नगर पालिका और विधानसभा चुनाव के बाद इंदिरा नगर वार्ड क्रमांक 2 टप्पर मोहल्ला के 80 घरों को अवैध घोषित कर दिया गया है.
मोहल्ले के सभी लोग मेहनत मजदूरी कर पालन पोषण करते हैं, जबकि यहां के नागरिकों को पहले नपा ने प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय योजना जैसी अनेक सरकारी योजनाओं को लाभ दे चुकी है. नागरिकों का कहना है कि हमारा मोहल्ला कस्बा क्षेत्र के गोया भूमि के रूप में राजस्व विभाग में दर्ज है और इंदिरा नगर के पार्षद ने हमारे मोहल्ले के ठीक सामने रोड के उस पार बीएसआई की जमीन पर कॉलोनी काट दी है और हमारे मोहल्लों को मिलने वाली सभी सुविधाऐं इस कॉलोनी को दी जा रही है और पार्षद ने ही हमारे मोहल्लेे को अवैध घोषित कर दिया है. मांग करने वालों में इंदिरा भील,देव राय,बबीता लोधी,बाबू भील,चिन्ता विश्वकर्मा,पवित्रा बैरागी,पूनम खरे,गायत्री भील, राजेश, नानू, तुलसा बाई, सुखमा बाई,माया नामदेव,रीना राठोर रामनारायण, बबीता नामदेव, पूनम राठौर,सतीश नाथ, बसन्ती बाई, ओमकार यादव, ललीत यादव, कृष्णा लोधी शामिल थे.
