वाशिंगटन | भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अपनी तीन दिवसीय वाशिंगटन यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ व्हाइट हाउस में एक अत्यंत सार्थक बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, रक्षा सहयोग और ‘क्वाड’ (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) को और मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इस मुलाकात को द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक बताया और घोषणा की कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले महीने यानी मई में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे।
बैठक के दौरान विदेश सचिव मिसरी ने अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ और राजनीतिक मामलों की अवर विदेश मंत्री एलिसन हूकर से भी पृथक मुलाकातें कीं। इन वार्ताओं में रक्षा और अर्थव्यवस्था के साथ-साथ फारस की खाड़ी की मौजूदा स्थिति और अन्य वैश्विक प्राथमिकताओं पर जानकारी साझा की गई। अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका मिलकर रक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में व्यावहारिक तरीके तलाश रहे हैं, ताकि दोनों देशों के नागरिकों को अधिक सुरक्षित और समृद्ध बनाया जा सके। इसमें पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर भी विस्तृत आकलन साझा किया गया।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक पिछले साल दिसंबर में हुई विदेश कार्यालय परामर्श वार्ता के बाद से हुए घटनाक्रमों की समीक्षा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर थी। दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए क्वाड के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों को और गति देने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, क्षेत्रीय शांति के संदर्भ में पाकिस्तान की मध्यस्थता और ईरान के साथ होने वाली आगामी वार्ताओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। मार्को रुबियो की आगामी भारत यात्रा से उम्मीद जताई जा रही है कि महत्वपूर्ण समझौतों और निवेश प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लग सकती है।

