भोपाल में गैस किल्लत दूर करने के लिए प्लान-बी शुरू: अब एजेंसियों पर मिलेंगे 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर

भोपाल: राजधानी में 5 किलो क्षमता वाले रसोई गैस सिलेंडरों की बिक्री शुरू हो गई. इसके लिए प्रशासन ने इंडेन, एचपी, भारत की गैस एजेंसियों पर इनकी आपूर्ति शुरू कर दी है. इस सिलेंडर की 1529 रुपए रखी गई. यह जिला खाद्य प्रशासन का रसोई गैस की किल्लत दूर करने के लिए प्लान-बी है. इसमें विशेष रूप से स्टूटेंड, मजदूर, छोटे-छोटे खाद्य पदार्थों के ठेले लगाने वालों को पांच किलो गैस वाले सिलेंडरों का कनेक्शन दिया जाने लगा है. इसके लिए लोगों को आधार कार्ड अपनी नजदीक गैस एजेंसी कार्यालय में जाकर देना होगा. साथ ही 1529 रुपए जमा कराने होंगे। सिलेंडर फिर से भरवाने के लिए एजेंसी पर ही जाना होगा और 585 रुपए देकर 5 किलो एलपीजी भरवानी होगी. बाकी लोग भी यह कनेक्शन ले सकते हैं.
छोटे सिंलेडरों से किल्लत पर थोड़ी राहत
जिला खाद्य नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि अभी गैस की किल्लत दूर करना प्रमुख उद्देश्य है. इससे कुछ हद तक रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत दूर होगी. सबसे पहले जरूरतमंद लोग इस सुविधा का लाभ उठाएं. इन सिलेंडरों की एजेंसियां होम डिलीवरी नहीं कराएंगी,एजेंसी पर ही जाकर सिलेंडर लेने होंगे. दो से तीन सदस्यों वाला परिवार भी कनेक्शन ले सकता है। 10 से 15 दिनों तक पांच किलो वजन का सिलेंडर चल जाता है. शहर में गैस की किल्लत नहीं होने देंगे.
एक नजर में एजेंसियां व सिलेंडरों की स्थिति
जिले में लगभग 4.5 लाख रसोई गैस सिलेंडरों के उपभोक्ता हैं. वहीं लगभग 50 हजार व्यवसायिक सिलेंडरों के उपभोक्ता हैं. व्यवसायिक और घरेलू गैस सिलेंडरों की पेंडेंसी 35 हजार के पार हो गई थी. जिसमें से 21 हजार रसोई गैस सिलेंडरों की पेंडेंसी है. सभी गैस कंपनियों 12 हजार सिलेंडरों की आपूर्ति प्रतिदिन कर रही है.
एक नजर में छोटे सिलेंडरों की स्थिति
वहीं शहर में 4 हजार छोटे सिलेंडरों का उपयोग किया जाता है. जिसमें से 35 सिलेंडर एक एजेंसी से प्रतिदिन दिए जा सकते हैं. शहर में 5 हजार से अधिक चाय-नाश्ता व फास्ट फूड के विक्रेता मौजूद हैं.
एसडीएम एजेंसियों की नहीं कर रहे जांच
एडीएम ने गैस सिलेंडरों की किल्लत दूर करने के लिए सभी 8 एसडीएम को एजेंसियों की जांच करने का आदेश दिया है. इसके बावजूद भी एसडीएम खुद एजेंसियों की जांच करते नहीं दिख रहे हैं. एसडीएम ने तहसीलदारों व नायब तहसीलों के भरोसे गैस एजेंसियों की जांच छोड़ दी है.
प्लान-बी बनाने का प्रमुख कारण सिंलेडर सप्लाई में देरी
यदि आपने आज रसोई गैस सिलेंडर मोबाइल नंबर पर कॉल करके या फिर वॉट्सअप नंबर से सिलेंडरों की बुकिंग की तो दो से तीन दिन तक होम डिलीवरी नहीं हो रही है. 12 से 14 दिन में सिलेंडर घरों तक पहुंच पा रहे हैं. इसी को देखते हुए प्रशासन ने छोटे सिलेंडरों के कनेक्शन दिलाने के लिए प्लान-बी तैयार किया है.
इनका कहना है
छोटे सिलेंडरों के कनेक्शन आसानी से दिए जाने लगे हैं. जिससे सिलेंडरों की किल्ल्त नहीं होगी. अगर एसडीएम गैस एजेंसियों की जांच करने नहीं पहुंच रहे हैं तो उनसे जल्द ही रिपोर्ट ली जाएगी, लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
सुमित कुमार पांडेय, अतिरिक्त कलेक्टर, आईएएस
हेैप्पी इंडेन गैस एजेंसी पर पहूंचा दल
जिला खाद्य नियंत्रक दल बुधवार रात 8 बजे करोंद न्यू जेल रोड स्थित हैप्पी इंडेन गैस एजेंसी पर पहुंची. प्रशासन को शिकायत मिली थी कि एजेंसी की ओर से रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण में अनिमितताएं की जा रही हैं. जिन उपभोक्ताओं ने सिलेंडरों की बुकिंग पहले की है, उन्हें सिलेंडर नहीं दिए जा रहे हैं. एजेंसी की ओर से मनमानी करके अपने हिसाब से लोगों को सिलेंडर दिए जा रहे हैं. खाद्य नियंत्रक जादौन ने बताया कि शिकायत मिलने पर टीम ने जांच शुरू की है, देर रात तक जांच जारी रही. जांच की अंतिम रिपोर्ट आएगी. एजेंसी की ओर से बुकिंग के दो सप्ताह बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं पहुंचाए जा रहे थे

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