जबलपुर: गढ़ा थाना क्षेत्र में भाजपा नेता की होटल में चल रहे चर्चित देह व्यापार मामले में असम की पीडि़ता को केस वापिस लेने लगातार धमकिया मिल रहा है । डराया, धमकाया जा रहा है । धमकियों से तंग आकर पीडि़ता ने अब ओमती थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।विदित हो कि असम निवासी युवती काम की तलाश में जबलपुर आई थी। इसके वह शीतल उर्फ मथुरा के संपर्क में आ गई थी। जिसने उसे देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया था।
मथुरा ने गढ़ा बाजार स्थित अतिथि होटल संचालक व भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अतुल चौरसिया के साथ मिलकर युवती को काम दिलवाने झांसा दिया था। इसके बाद दोनों के चंगुल में फंस गई थी। होटल संचालक ने अपनेे साथी शीतल के साथ मिलकर युवती को होटल में ही बंधक बनाकर डरा धमकाकर उससे देह व्यापार करवाते रहे। इस दौरान शीतल और अतुल ने भी युवती के साथ दुष्कर्म किया था।
पीडि़ता ने पूर्व में अतुल चौरसिया और शीतल दुबे उर्फ मथुरा दुबे के खिलाफ गढ़ा थाने में देह व्यापार की एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर के कुछ समय बाद पीडि़ता अपने मूल निवास असम चली गई थी। पीडि़ता के अनुसार, असम जाने के बाद नवंबर के पहले सप्ताह में मुख्य आरोपी अतुल चौरसिया की मां केशर बाई ने फोन कर केस वापस न लेने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। इसके कुछ समय बाद अतुल के दोस्त पप्पू यादव ने फोन किया और कहा, मैं अतुल का दोस्त बोल रहा हूं, अभी जेल से छूटकर आया हूं। हर 6 महीने में जेल जाता रहता हूं, केस वापस ले लो वरना पछताओगी।
पीडि़ता ने बताया कि धमकियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 24 नवंबर 2025 को जब पीडि़ता हाईकोर्ट जबलपुर के पास अंबेडकर चौक पर खड़ी थी, तब पप्पू यादव ने फोन कर कहा, तुझे जान से खत्म कर दूंगा, तेरे आगे-पीछे कोई नहीं है, किसी को पता भी नहीं चलेगा। पीडि़ता जब जिला न्यायालय में अपने केस के सिलसिले में आई, तब 28 मार्च, 30 मार्च और 6 अप्रैल को आरोपी केशर बाई ने उसे कोर्ट परिसर में ही रोककर झूठी गवाही देने और केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया। लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों और मानसिक प्रताडऩा से परेशान होकर पीडि़ता ने ओमती थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर लिया
