बुधनी. सड़क निर्माण के नाम पर नगर में अनेक विशाल व पुराने पेड़ों का सफाया किया जा रहा है,सड़क निर्माण कार्य के दौरान हरे भरे पेड़ों को काटा जा रहा है जिसमें तिराहे से वर्धमान कंपनी पीलीकरार के बीच वन विभाग की सहमति से सैकड़ों हरे भरे वृक्षों को काटा जा रहा है, चाहे वह इमारती पेड़ हो या कोई और, बकायदा काटने के लिए अलग लोगों को लगाया गया है और जेसीबी की मदद से इन पेड़ों को जमाया जा रहा है. लेकिन सवाल ये उठता है कि इतनी मात्रा में जो पेड़ों की कटाई की जा रही है इसके लिए अतिरिक्त पेड़ कब और कहां लगाए जा रहे हैं.
सूत्रों की माने तो हाइवे किनारे विद्युत लाइन के बीच आ रहे वृक्षों को जड़ से पूरी तरह से काटा जा रहा है जिससे विद्युत की लाइन को डाला जा सके, वृक्षों की पूरी तरह कटाई से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितना विद्युत लाइन जहां जहां से जाएगी उसके अंतर्गत आने वाले हजारों वृक्षों की बलि दी जाएगी जिससे प्रकृति को नुकसान होगा.
इस मामले में वन विभाग एसडीओ सुकृति ओसवाल का कहना है कि रोड निर्माण की साइड में बिजली के पोल और लाइन बिछाई जानी है. जिसके चलते लाइन के बीच आने वाले चयनित वृक्षों को कटवाया जा रहा है. उनका पूरा मटेरियल वन विभाग कार्यालय में पहुंचाया जाएगा जिसके लिए सभी नियमों का पालन किया गया है. रोड और बिजली की लाइनों के बाद रोड़ के दोनों और वृक्षों को लगवाया जाएगा जिससे इन वृक्षों के काटे जाने की पूर्ति हो सके. हमारे द्वारा नियमानुसार ही सभी कार्य किए जा रहे हैं.
