भोपाल। राजधानी भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र स्थित बरखेड़ी फाटक के 90 डिग्री मोड़ वाले ब्रिज को अब फिर से डिजाइन किया जा रहा है। इस ब्रिज को गोलाई देकर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाया जाएगा।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस ब्रिज की पहली डिजाइन को तत्कालीन अधीक्षण यंत्री ब्रिज जीपी वर्मा ने ही मंजूरी दी थी, और अब वही जीपी वर्मा इस गलत डिजाइन को सुधारने की ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं। चीफ इंजीनियर बनने के बाद वर्मा इस ब्रिज का दो दिन में चार बार निरीक्षण कर चुके हैं।
तकनीकी जानकारी के अनुसार, ब्रिज पर सुरक्षित रूप से मुड़ने के लिए लगभग 200 मीटर का कर्व आवश्यक है, लेकिन वर्तमान स्थान पर इतनी जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस चुनौती को देखते हुए इंजीनियर जीपी वर्मा के साथ ए.के. बौरासी, प्रवीण वर्मा और सविता मालवीय मिलकर जांच और आगे की योजना बना रहे हैं।
चीफ इंजीनियर वर्मा का कहना है कि उन्होंने ब्रिज का निरीक्षण किया है और डिवाइडर से लेकर आसपास के इलाकों में कर्व की संभावनाओं का विश्लेषण किया है। ब्रिज की लंबाई, चौड़ाई और ढलान से संबंधित तकनीकी पहलुओं की भी जांच की गई है। फिलहाल ब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। इसकी फिनिशिंग और सरफेस वर्क अभी जारी है, जिसे पूरा होने में और समय लग सकता है।
