सीधी: एलसीसी की दबंगई यह है कि एमपीआरडीसी की सडक़ में अवैध निर्माण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम लिमिटेड की बेला-गोविन्दगढ़-चुरहट सडक़ में बिना अनुमति प्राप्त किए मेसर्स एलसीसी के अवैध रूप से बिछाई गई पाइपलाइन की शिकायत के बाद भी कार्यवाही नही हुई।मेसर्स एलसीसी द्वारा नल-जल योजना के तहत बघवार क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। एलसीसी द्वारा एमपीआरडीसी की सडक़ को बिना अनुमति लिये ही जगह-जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। दरअसल पाइप लाइन बिछाने के लिये जेसीबी मशीन का उपयोग खुदाई के लिये आरंभ से किया जा रहा है।
जेसीबी मशीन से सडक़ की पटरी पर ही मनमानी तौर पर खुदाई की जाती है जिससे सडक़ भी क्षतिग्रस्त हो रही है। विगत 17 फरवरी 2026 को एमपीआरडीसी रीवा के एजीएम अंशुल करोडिया और एजीएम मोहित कैन द्वारा परियोजना सडक़ का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि ठेकेदार मेसर्स एलसीसी द्वारा विभाग से अनुमति प्राप्त किये बिना अवैध रूप से जल पाइप लाइन बिछा रहा है। जो पाइप लाइन बिछाई जा रही थी वह न तो निर्धारित गहराई पर थी और न ही सडक़ के उपयोगिता गलियारे में थी। बघवार और चुरहट के बीच सडक़ का किनारा, नालियां क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। एमपीआरडीसी ने सडक़ सुधार के लिये जल निगम सीधी को 18 फरवरी 2026 को पत्र भेजकर 1 करोड़ 61 लाख 1518 रूपये भुगतान की मांग की है।
जल निगम के महाप्रबंधक के दावों की एमपीआरडीसी ने खोली पोल
मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम लिमिटेड रीवा द्वारा मेसर्स एलसीसी द्वारा बिना अनुमति के बेला-गोविन्दगढ़-चुरहट सडक़ को खोद कर अवैध रूप से बिछाई गई पाइपलाइन के संबंध 18 फरवरी 2026 को पत्र लिखकर डेढ़ करोड़ से अधिक के क्षतिपूर्ति राशि भुगतान की मांग को गलत ठहराने और पत्र का जवाब देने का जल निगम मर्यादित सीधी के महाप्रबंधक नीरव अग्रवाल द्वारा किये जा रहे सभी दावों की पोल एमपीआरडीसी रीवा एजीएम अंशुल करोडिया ने खोलते हुए स्पष्ट कहा है कि आज तक जल निगम महाप्रबंधक द्वारा आज तक पत्र का कोई जबाब नही दिया गया है।
एमपीआरडीसी ने ठोंका डेढ़ करोड़ से अधिक का हर्जाना
एमपीआरडीसी ने बेला-गोविंदगढ़-चुरहट सडक़ में बिना अनुमति प्राप्त किये मेसर्स एलसीसी द्वारा मनमानी तौर पर सडक़ को क्षतिग्रस्त करने के बाद जल निगम सीधी कार्यालय को पत्र भेजकर 1 करोड़ 61 लाख 1518 रूपये का जुर्माना ठोंका है। जुर्माना की उक्त राशि से क्षतिग्रस्त सडक़ का सुधार कार्य कराया जा सके। हैरत की बात तो यह है कि एमपीआरडीसी रीवा की ओर से पत्र भेजे जाने के बाद भी जल निगम सीधी के महाप्रबंधक द्वारा उसका कोई भी जवाब देने की जरूरत अभी तक नहीं समझी गई है।
इनका कहना है
मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम लिमिटेड रीवा के पत्र का जवाब भेज दिया गया है। संविदाकार मेसर्स एलसीसी द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिए जहां सडक़ की खोदाई की गई थी। वहां की सडक़ सुधार कर दी गई है।
नीरव अग्रवाल, महाप्रबंधक जल निगम मर्यादित जिला-सीधी
एमपीआरडीसी की बघवार-रीवा सडक़ को नल-जल योजना के ठेकेदार द्वारा जगह-जगह मनमानी खुदाई कर क्षतिग्रस्त कर दी गई है। सडक़ के खुदाई के पूर्व अनुमति भी विभाग से नहीं ली गई है। उनके निरीक्षण में यह मिला कि सडक़ काफी क्षतिग्रस्त की गई है वहीं बघवार के समीप पंचायत की नाली और हैण्डपंप भी तोड़े गये हैं। उनके द्वारा वरिष्ठ कार्यालय को तत्संबंध में सूचित करने के साथ जल निगम को पत्र भेजकर कर क्षतिपूर्ति राशि की मांग की गई, जिसका कोई जवाब नहीं आया है। सड़क सुधार का कार्य भी नही किया गया है।
अंशुल करोडिया, एजीएम मप्र सडक़ विकास निगम लिमि.रीवा
