अस्वच्छ बर्फ के उपयोग से बढ़ रहा खतरा

इंदौर: बाजार में गन्ने के रस में इस्तेमाल होने वाली बर्फ गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है, क्योंकि यह अक्सर औद्योगिक नॉन एडिबल बर्फ होती है. जो असुरक्षित खाद्य पदार्थों के उपयोग को उजागर करती हैं. अस्वच्छ बर्फ कई वेंडर सस्ती और औद्योगिक बर्फ का उपयोग करते हैं, जो पीने योग्य पानी से नहीं बनती और इसमें कीटाणु हो सकते हैं.
खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि खाद्य बर्फ के नमूनों की जांच, कार्रवाई पूरे महीने जारी रहेगी क्षेत्र में बर्फ (आइस) निर्माण के कुल 50 यूनिट संचालित हो रहे हैं, जिनमें 8 लाइसेंसधारी और 42 पंजीकृत इकाइयाँ शामिल हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा इस सप्ताह जांच अभियान के तहत खाद्य बर्फ के 3 नमूने लिए गए. इनमें से 2 नमूने निर्माण इकाइयों से और 1 नमूना एक रेस्टोरेंट से लिया गया है. विभाग के अनुसार, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान पूरे महीने लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जांच प्रक्रिया और मानक
खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी के अनुसार विभाग द्वारा समय-समय पर बर्फ के सैंपल लेकर लैब में परीक्षण कराया जाता है. यदि सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरते, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है. हालांकि वर्तमान अभियान के दौरान किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत सामने नहीं आई है, बल्कि यह कार्रवाई नियमित जांच का हिस्सा है.

लाइसेंस और नियम अनिवार्य
खाने योग्य (एडिबल) बर्फ बनाने के लिए लाइसेंस अनिवार्य है. बर्फ केवल आरओ प्लांट के शुद्ध पानी से ही बनाई जानी चाहिए. इसके साथ ही उत्पादन स्थल की साफ-सफाई, कर्मचारियों की मेडिकल जांच और स्वच्छ परिवहन सुनिश्चित करना जरूरी है. नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाती है.

खाद्य और औद्योगिक बर्फ में अंतर
मनीष स्वामी ने बताया कि खाने वाली बर्फ पीने योग्य स्वच्छ पानी से तैयार की जाती है, जबकि औद्योगिक बर्फ का उपयोग केवल बाहरी ठंडक के लिए होता है.

जमीनी हकीकत
नवभारत के पत्रकार द्वारा गन्ने के रस के ठेलों पर वस्तुस्थिति जानने की कोशिश की गई. इस दौरान कुछ स्थानों पर बर्फ को अस्वच्छ थर्माकोल बॉक्स में रखा हुआ पाया गया, जहां बर्फ के साथ गंदगी भी नजर आई. हालांकि गन्ने का रस निकालने वाली मशीन (चरखी) में भी सफाई की कमी दिखी. साफ-सफाई को लेकर अभी भी जमीनी स्तर पर सुधार की आवश्यकता है.

स्वास्थ्य पर असर- डॉक्टर का बयान
चित्र- डॉ. आरडी लोधी
डॉक्टर आर डी लोधी के अनुसार, यदि अस्वच्छ या अखाद्य बर्फ का उपयोग किया जाए तो इससे पेट संक्रमण, डायरिया, पीलिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं। खासकर बच्चों में इसका असर अधिक गंभीर हो सकता है.

लोगों के लिए सलाह
डॉक्टर लोधी ने लोगों को सलाह दी है कि गन्ने का रस, पानी बताशे और आइसकैंडी जैसी चीजों का सेवन करते समय साफ-सफाई और बर्फ की गुणवत्ता का ध्यान रखें, ताकि बीमारियों से बचा जा सके. कोशिश करें कि बिना बर्फ का गन्ने का रस पिएं. ऐसे वेंडर से बचें जो बर्फ को खुले में रखते हैं या अस्वच्छ दिखते हैं

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