राजग सरकार का काम अब जन विश्वास में बदल गया है: पीयूष गोयल

नयी दिल्ली, 18 नवंबर (वार्ता) बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की धमाकेदार विजय के बीच वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि राजग सरकार के प्रदर्शन ने एक नया रूप ले लिया है और ‘यह विरासत से विकास और अब विश्वास में बदल गया है।’

श्री गोयल ने कहा, “ यह विश्वास की राजनीति ही है जो भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।” वह यहां उद्योग मंडल फिक्की की 98वीं वार्षिक आम बैठक और वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का मुख्य विषय था ‘भारत: आत्मनिर्भर आर्थिक महाशक्ति।’

उल्लेखनीय है कि बिहार विधान सभा के लिए इसी माह सम्पन्न चुनावाें में वहां राजग को 243 में से 202 सीटें मिली हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस जीत को विकास के लिए जनाकांक्षा की विजय बताया है और कहा है कि देश की राजनीति का एजेंडा अब विकास के काम से तय होने लगा है। आने वाले समय में सरकारों का काम पार्टियों का भविष्य तय करेगा।

श्री गोयल ने कहा कि मोदी सरकार जन विश्वास विधेयक के दो संस्करण पहले ही ला चुकी है, जिसमें कारोबार करने वाले और आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के उद्येश्य से बहुत से कानून के ऐसे अधिकांश गैर जरूरी हो चुके प्रावधानों में कैद की सजा के प्रावधान को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार विश्वास विधेयक के तीसरे संस्करण को पहले ही तैयार कर चुकी है।

विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए श्री गोयल ने चार आयामों पर काम करने का बल दिया, जिनमें भारत को गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का प्रमुख विनिर्माण केंद्र बनाने, निवेश के अधिक से अधिक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने, युवाओं को कुशल कार्यबल में बदलने पर ध्यान केंद्रित करने और अंत में, नवीनतम अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने पर बल दिया गया है।

उन्होंने कहा कि 2027 में फिक्की अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करेगा, उस समय तक हमें तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “ पिछले 98 वर्षों में, हमने फिक्की को आर्थिक राष्ट्रवाद के अपने मूल संस्थापक सिद्धांत से आगे बढ़ते हुए राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण भागीदार बनते देखा है। ”

उद्योग जगत से देश के विकास को गति देने के लिए अधिक महत्वाकांक्षी और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए श्री गोयल ने कहा, “ साहसिक लक्ष्य निर्धारित करें। हम वृद्धिशील विकास से संतुष्ट नहीं हो सकते, और हमें सामान्य से हटकर कुछ करने की ज़रूरत है। हमें स्टार्टअप्स और अनुसंधान एवं विकास में घरेलू पूंजी की आवश्यकता है। ”

श्री गोयल ने फिक्की जैसे उद्योग निकायों से अपने समर्थन प्रयासों के परिणामों का बारीकी से ऑडिट करने की अपील की। उन्होंने अन्य देशों, विशेष रूप से कोरिया और स्वीडन, जिनके पास औद्योगिक विकास और व्यावसायिक सुविधा के लिए मज़बूत मॉडल हैं, से सीख लेकर और भी साहसिक लक्ष्य निर्धारित करने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने अगली पीढ़ी को मार्गदर्शन देने पर भी ज़ोर दिया और अंत में, फिक्की से आग्रह किया कि वह अपनी उपस्थिति को बड़े शहरों से आगे बढ़ाकर भारत के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाये।

उन्होंने कहा, “ उद्योग निकायों को केवल विशिष्ट व्यावसायिक हलकों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश भर में विकास को बढ़ावा देने के लिए अपनी भागीदारी का दायरा बढ़ाना चाहिए। ”

उन्होंने फिक्की से आग्रह किया कि वह एक ऐसा ‘असहज नेता’ बने जो खुद को चुनौती दे और भारत को उत्कृष्टता की ओर ले जाये।

फिक्की के अध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था सालाना सात प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही है और यह प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ वृद्धि वाली अर्थव्यवस्था है। भारत वैश्विक घरलू उत्पाद की वृद्धि में इस समय लगभग छठे हिस्से के बराबर योगदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस चरण को परिवर्तनकारी बनाने वाली बात यह है कि भारत की प्रगति नीतिगत स्थिरता और आत्मविश्वास पर आधारित घरेलू क्षमता निर्माण से प्रेरित है।

फिक्की के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा, “ फिक्की विनिर्माण को बढ़ाकर, अनुसंधान एवं विकास में निवेश करके, युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियां पैदा करके और निर्यात को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के साथ अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

 

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