बेगमगंज मंडी में सैकड़ो ट्रॉली गेहूं पहुंचा, दाम कम मिलने से किसानों में आक्रोश

बेगमगंज। पिछले 4 दिन से लगातार कृषि उपज मंडी में खरीदी बंद रहने के बाद जब से मंडी खुली है, गेहूं , चने से भरी सैकड़ो ट्रालियां मंडी प्रांगण में पहुंच रही हैं, और किसानों में गेहूं चना बेचने के लिए होड लग गई लेकिन नीलामी शेड कम होने के कारण अव्यवस्था फैल गई और व्यापारियों की मोनोपोली के चलते जब गेहूं का दाम ₹2200 से 2300 रुपए प्रति क्विटल तक नीलामी बोली में लगाया गया तो किसानों में आक्रोश फैल गया।

आक्रोशित किसानों द्वारा आरोप लगाया गया है कि 20 तारीख को अक्षय तृतीया होने से उनकी बेटियों की शादी होना है और उन्हें पैसे की अतिआवश्यकता है ऐसे में बहुत कम दामों पर गेहूं , चना बेचने को मजबूर हैं। क्योंकि इतने कम समय में पैसों की व्यवस्था नहीं हो पाएगी।

इसलिए घबराए और चिंतित किसानों द्वारा जो व्यापारी नगद में जिस दाम में गेहूं चना खरीद रहा है वह उसी दाम में उन्हें बेंचने को मजबूर हैं।

मंडी प्रांगण में गेहूं बेचने आए अनेक किसानों ने बताया कि उनके बेटे बेटियों की शादी पक्की हो गई है। इसलिए गेहूं चना बेचकर व्यवस्था करना है। पर्याप्त दाम नहीं मिलने के वह लोग कारण घाटे में ही बेचने को मजबूर है।

सरकार द्वारा अभी तक समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नहीं की गई है। व्यापारियों की मोनोपोली ओर मनमानी के चलते बहुत कम दाम में खरीदी की जा रही है।

इधर, मंडी परिसर में कई व्यापारियों के फैले अतिक्रमण के कारण किसानों को ट्रैक्टर ट्राली खड़ी करने में भी परेशानी हो रही है। ऐसे में अव्यवस्था बढ़ने से अफरा तफरी मची हुई है। हर किसान चाहता है कि उसका माल पहले बिक जाए।

इसलिए होड लगने के कारण व्यवस्थित ढंग से नीलामी नहीं हो पा रही है।

इस संबंध में कृषि उपज मंडी समिति सचिव अनुराग सिंह रघुवंशी का कहना है कि सभी किसानों का माल नीलम किया जाएगा और उन्हें पर्याप्त दाम भी दिलवाए जाएंगे किसी भी किसान को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

Next Post

प्रशासन की रोक के बाद भी धड़ल्ले से जल रही नरवाई, बढ़ा खतरा

Wed Apr 8 , 2026
सिलवानी। क्षेत्र में फसलों की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई जलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जबकि प्रशासन द्वारा इस पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है, इसके बावजूद रात के समय कई जगहों पर खेतों से उठती आग की लपटें साफ देखी जा सकती […]

You May Like