
इंदौर। नगर निगम के बजट पर चर्चा के दौरान सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष के भाषण के दौरान भाजपा पार्षदों ने लगातार विरोध करते हुए माफी की मांग पर अड़े रहे और “महापौर माफी मांगो” के नारे लगाए। स्थिति इतनी बिगड़ी कि भाजपा पार्षद आसंदी के सामने पहुंचकर नारेबाजी करने लगे, जबकि सभापति निष्क्रिय नजर आए और हंगामा कर रहे पार्षदों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
नेता प्रतिपक्ष चौकसे ने कहा कि वे “एक हजार नहीं, एक लाख बार भागीरथपुरा पीड़ितों के साथ खड़े हैं” और सत्ता पक्ष पर संविधान की हत्या करने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस पार्षदों ने भी इसी मुद्दे को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
इस बीच निरंजन सिंह चौहान ने बजट पेश करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन भाजपा पार्षदों के हंगामे के चलते चर्चा बाधित होती रही। सदन में तीखी बयानबाजी भी हुई, जिसमें राजू भदौरिया के विवादित नारे ने माहौल को और गरमा दिया।
लगातार हंगामे के बीच सभापति ने बहुमत के आधार पर सभी विषयों को पारित करने की घोषणा कर दी और अंततः बजट को भी पारित घोषित कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद सदन में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई मौकों पर आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए।
