
बैतूल। गंज क्षेत्र स्थित एक प्रमुख अंडरब्रिज को रेलवे द्वारा विस्तार कार्य के लिए करीब डेढ़ महीने के लिए बंद किए जाने से आसपास के लगभग 10 वार्डों के निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक मार्ग बंद कर दिए जाने से जनजीवन प्रभावित हो गया है।
जानकारी के अनुसार रेलवे द्वारा तीसरी और चौथी लाइन के कार्य के तहत 3 अप्रैल से अंडरब्रिज की लंबाई बढ़ाने का काम शुरू किया गया है। इस दौरान अंडरब्रिज को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे न केवल वाहनों बल्कि पैदल आवागमन पर भी रोक लग गई है। यह मार्ग शहर के व्यस्ततम संपर्क मार्गों में से एक है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते थे।
अंडरब्रिज बंद होने से जाकिर हुसैन वार्ड और रामनगर क्षेत्र के निवासियों का मुख्य शहर से सीधा संपर्क टूट गया है। वैकल्पिक रूप से केवल ओवरब्रिज का उपयोग बचा है, जिससे करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और खर्च दोनों में वृद्धि हो रही है।
स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब इन वार्डों के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए मोक्षधाम या कब्रिस्तान जाना होता है, जो इसी मार्ग से जुड़ा हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शव ले जाने में अब भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल जाने वाले बच्चों और मरीजों को भी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल पहुंचाने में अधिक समय और खर्च लग रहा है, जबकि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
इस बीच रेलवे स्टेशन के फुट ओवरब्रिज से पैदल आवागमन करने वाले लोगों पर आरपीएफ द्वारा कार्रवाई किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। स्थानीय समाजसेवी रमेश भाटिया ने सुझाव दिया है कि छोटे वाहनों के लिए अस्थायी मार्ग या फुट ओवरब्रिज की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
