इंसानियत शर्मसार: जिस ट्राईसाइकिल ने दिया सहारा, उसी को बनाया नशे की तस्करी का जरिया

गुना/फतेहगढ़। जिले की फतेहगढ़ पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बेहद चौंकाने वाला मामला उजागर किया है। जिस ट्राईसाइकिल को शासन ने एक दिव्यांग की आत्मनिर्भरता और सहारे के लिए प्रदान किया था, उसी का उपयोग गांजे की तस्करी के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात फतेहगढ़ पुलिस की टीम बाबड़ीखेड़ा रोड पर रूटीन गश्त पर थी। इसी दौरान झिरी रोड की ओर से एक ट्राईसाइकिल आती दिखाई दी। देर रात संदिग्ध अवस्था में घूम रहे ट्राईसाइकिल सवार को जब पुलिस ने रोककर पूछताछ की, तो उसने अपना नाम रामनिवास लोधा बताया। पुलिस को युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद दोनों पैरों से विकलांग रामनिवास की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस उस वक्त हैरान रह गई जब ट्राईसाइकिल सवार के पास से अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।

 

सरकारी सहायता का दुरुपयोग

इस पूरे मामले में सबसे दुखद पहलू यह सामने आया कि जिस ट्राईसाइकिल का उपयोग तस्करी के लिए किया जा रहा था, वह शासन की कल्याणकारी योजना के तहत दिव्यांग सहायता के रूप में दी गई थी। आरोपी ने पुलिस की सहानुभूति और अपनी शारीरिक स्थिति का फायदा उठाकर इस अवैध कारोबार को अंजाम देने की कोशिश की। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी कब से इस काम में संलिप्त था और वह गांजे की सप्लाई कहाँ करने जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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