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भोपाल। राजधानी के एमपीनगर तहसील वृत्त में फर्जी बीपीएल राशन कार्ड का मामला सामने आया है. एसडीएम की फर्जी आई डी से तीन महिने में 98 बीपीएल कार्ड बनाए गए है. जो कि एमपीनगर तहसील के वर्षों के रिकार्ड में भी एक साल में इतने नहीं बने हैे. यह सभी अपात्र हैं. जो कुछ तो एमपीनगर वृत्त के ही रहवासी हैं, और अधिकतर कोलार क्षेत्र के हैं. एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है.
बीपीएल श्रेणी में तहसील का क्लर्क
उनमें शहर तहसील कार्यालय में पदस्थ क्लर्क दाण्डेकर का नाम भी बीपीएल कार्ड में सामने आया है. वहीं नगरीय प्रशासन मुख्यालय का कंप्यूटर ऑपरेटर और ऐसे परिवार भी शामिल हैं, जिनके पास फ्लैट, पक्का मकान, कार और दोपहिया वाहन हैं. इनकी आय 40 से 50 हजार रुपए प्रतिमाह तक है. एडीएम खरे ने बताया कि सभी 98 बीपीएल कार्डधारियों को नोटिस दिए जाएंगे. और जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया जाएगा.
डूडा के कर्मचारियों ने कैसे पास की फाइल
खरे ने बताया कि इस मामले में सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह बीपीएल कार्ड बनने से पहले डूडा में पास होने के लिए फाइल जाती है उसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन होता है. डृडा ने बिना सत्यापन के फाइल कैसे पास कर दी. जांच होने पर अगर डूडा के कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाती है तो एक दो डूडा के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है.
मेहरा और बैरागी पर हुई कार्रवाई
वन विभाग के वन रक्षक किशोर मेहरा और पीडब्ल्यूडी के सुपरवाइजर सुरेश बैरागी पर कार्रवाई की गई है। दोनों एसडीएम ऑफिस में अटैच्ड है। इन्होंने ने ही पासवर्ड का गलत तरीके से उपयोग किया और अपात्र लोगों के भी बीपीएल राशन कार्ड बना दिए.
