
छिंदवाड़ा /जुन्नारदेव। जुन्नारदेव पुलिस ने एक माह पूर्व होली के त्यौहार पर ग्राम बिलावर कला में हुए सनसनीखेज हमले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जाँच में सामने आया कि यह हमला किसी बाहरी लूटपाट के इरादे से नहीं, बल्कि आपसी विवाद के चलते रची गई एक सोची-समझी साजिश थी। घटना 6 मार्च 2026 की रात करीब 11:30 बजे की है। ग्राम बिलावर कला में रहने वाली बुग्गो बाई धुर्वे के घर में दो नकाबपोश आरोपियों ने घुसकर सो रहे परिवार पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया था। इस हमले में बुग्गो बाई, उनके मेहमान दीपचंद कुमरे, 17 वर्षीय संध्या और एक 10 वर्षीय बालक शुभम गंभीर रूप से घायल हुए थे। शोर मचने पर आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।
एक माह की विवेचना और खुलासा ००००
थाना प्रभारी निरीक्षक जे. मसराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक महीने तक सघन जांच की। तकनीकी और गोपनीय जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि घटना से दो दिन पहले प्रार्थिया बुग्गो बाई का गांव की ही शांति बाई कुमरे के साथ झगड़ा हुआ था। संदेह के आधार पर जब शांति बाई के दामाद अकलेश नर्रे से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी अकलेश ने बताया कि उसकी सास शांति बाई ने विवाद का बदला लेने के लिए उसे उकसाया था। इसके बाद अकलेश ने अपने साथी सुनील नर्रे और एक नाबालिग के साथ मिलकर हमले की योजना बनाई।
इन आरोपियों किया गिरफतार किया ००००
पुलिस ने अकलेश नर्रे 29 वर्ष निवासी ढोलनखापा, सुनील नर्रे 18 वर्ष निवासी ढोलनखापा,
शांति बाई कुमरे 47 वर्ष निवासी बिलावरकला (साजिशकर्ता) सहित एक नाबालिग युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके पास से से घटना में प्रयुक्त दो लोहे की रॉड, एक बाइक तीन मोबाइल फोन बरामद जब्त किया हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी श्रीमती जे मसराम के साथ उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे, सहायक उप निरीक्षक राजकुमार कुमरे और साइबर सेल की टीम का विशेष योगदान रहा।
