
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने 9 अप्रैल को प्रदेश भर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी कार्यकर्ता किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की कथित निष्क्रियता और अधूरे वादों के विरोध में जिला कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करेंगे।
प्रदेश किसान कांग्रेस के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि खरीदी में देरी और पर्याप्त समर्थन के अभाव के कारण किसानों को बिचौलियों के हाथों मजबूरन अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से करने का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल नाममात्र का बोनस देकर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि खरीदी तिथियों को बार-बार आगे बढ़ाने से किसान अपनी फसल कम कीमत पर बेचने के लिए विवश हो रहे हैं। पार्टी ने जूट के बोरे की कमी को प्रशासनिक विफलता बताते हुए इसकी भी कड़ी आलोचना की।
कांग्रेस ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि से कई जिलों में फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए पर्याप्त मुआवजा न मिलने पर भी सवाल खड़े किए हैं।
पार्टी की प्रमुख मांगों में घोषित दर पर तुरंत खरीदी शुरू करना, प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देना तथा बकाया कृषि ऋण पर दंडात्मक ब्याज माफ करना शामिल है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
