
धार। बुधवार रात को अचानक आए आंधी तूफान ने किसानों पर कहर बरपा दिया कई स्थानों पर गेहूं की फसलों को नुकसान हुआ तो वहीं कई स्थानों पर खुले में सूखने के रखी लहसुन की फसल भी गिली होकर खराब होने की कगार पर पहुंच गई अचानक मौसम में आए बदलाव से आसमान से तो पानी टपक ही साथ ही किसानो की आंखों से भी पानी बह निकाला तेज आंधी तूफान एवं बारिश से गेहूं की फसल खेत में ही लेट गई जिस वजह से जिन पौधों में अभी दाने ठीक से नहीं आए थे अब उसमें दाने नहीं आएंगे वहीं जिन पौधों में गेहूं के दाने आ चुके थे अब उसे काटने में भी दिक्कत होगी वहीं कुछ किसानों ने लहसुन की फसल निकालकर सूखने के लिए खेत में ही छोड़ दी थी वह भी गीली हो चुकी है जिस कारण अब उस लहसुन की कीमत कम हो जाएगी
जहां एक और किसानों पर मौसम में कहर बरपा दिया किसानों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा किसानों का दुख उस वक्त और बढ़ गया जब जिला कृषि अधिकारी ज्ञान सिंह ने अपने कार्यालय में बैठे-बैठे ज्ञान दे दिया कि कोई फसल खराब नहीं हुई ज्ञान सिंह ने ऐसा कहकर किसानों के घाव पर नमक छिडक़ने का काम किया सरकार मोटी पगार दे रही है वातानुकूलित कार्यालय दिया है बंगला दिया है और भी कई सुविधा दी गई है ताकि यह किसानों के हित के लिए कार्य कर सकें ग्रामीण क्षेत्र में जाकर किसानों के हाल-चाल जान सके इसके लिए सरकार ने वाहन भी दिया है लेकिन जब ऐसा मौका आता है कि पीड़ित किसानों के सम्मुख पहुंचकर उनकी पीड़ा सुनी जाए एवं उनकी समस्या का समाधान किया जाए तो किसानों के पास जाने की बजाय कृषि अधिकारी ज्ञान सिंह मोहनिया अपने कार्यालय में बैठकर ही ज्ञान बाट देते हैं ऐसा ही कुछ गुरुवार को भी देखने को मिला जब कृषि अधिकारी ज्ञान सिंह मोहनिया से पत्रकारों ने आंधी तूफान से खराब हुई फसल के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि कोई फसल को नुकसान नहीं हुआ जबकि किसानों ने कैमरे के सामने यह कहा है कि उनकी फसल को नुकसान हुआ है जिसके वीडियो फोटो भी हमने कैद किए हैं लेकिन पीड़ित किसानों को झूठा साबित करने का प्रयास करते हुए ज्ञान सिंह मोहनिया ने अपना ही ज्ञान बांट दिया जिससे किसानों में आक्रोश फैल रहा है अब देखना यह है कि सरकार भी पीड़ित किसानों की पीड़ा महसूस करती है या फिर ज्ञान सिंह के ज्ञान में आकर किसानों की मांग को अनदेखी की जाती है
