इंदौर: कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान ग्रामीण क्षेत्र तमाशा बनकर रह गया. इसके उलट शहर में पर्यवेक्षक की सख्ती सारे नेता ढेर हो गए थे. ग्रामीण क्षेत्र के पर्यवेक्षक नेताओं के भरोसे जिला अध्यक्ष का चुनाव करते नजर आए. ऐसा बताया जा रहा है कि जिले के कार्यकर्ताओं का नाम तक ठीक से नहीं पूछा, उनकी बात सुनना तो अलग बात होकर रह गई.
इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के लिए एआईसीसी पर्यवेक्षक दानिश अबरार नेताओं से घिरे नज़र आएं. कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा तो दूर उनके नाम और कहां से हैं, यह तक पूछना उचित नहीं समझा गया. उनके साथ पीसीसी के प्रभारी अविनाश भार्गव और जिला कांग्रेस प्रभारी अध्यक्ष महेश पटेल पूरे समय साथ थे.
नेताओं से घिर रहे
कांग्रेस शहर अध्यक्ष के लिए एआईसीसी पर्यवेक्षक गुरजीत सिंह ओजला की सख्ती के आगे नेताओं को नहीं चली. ओजला ने कार्यकर्ताओं से बंद कमरे में न सिर्फ चर्चा की, बल्कि उनसे बातचीत के दौरान पीसीसी के प्रभारी और इंदौर शहर प्रभारी को भी कार्यकर्ताओं दूर रखा था. आज ग्रामीण पर्यवेक्षक दानिश अबरार के सामने नजारा अलग था. अबरार नेताओं से घिरे रहे, बल्कि कार्यकर्ताओं को ओजला जैसी तवज्जो नहीं दी. यह चर्चा कार्यकर्ताओं के बीच चल रही थी. अबरार के व्यवहार से कार्यकर्ता हताश नजर आए और बातचीत में सुनाई दिया कि राहुल गांधी की इच्छा अनुसार कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जा रही है
