
उज्जैन। बेटी के ससुराल रिसेप्शन में गए परिवार के घर हुई चोरी की वारदात का आरोपी परिवार का सगा भतीजा होना सामने आया है। शंका के आधार पर पुलिस ने भतीजे को उज्जैन से हिरासत में लिया। जिसने पूछताछ में चोरी करना कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर 73 हजार रुपए नगद और 9.72 लाख के आभूषण बरामद किए गए हैं। आरोपी को गुरुवार दोपहर न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया।
बडऩगर के मिर्ची बाजार में रहने वाले नंदकिशोर बाबूलाल की बेटी का इंदौर में विवाह हुआ था। 16 फरवरी को नंदकिशोर और परिवार के लोग इंदौर में आयोजित रिसेप्शन में शामिल होने गए थे। बडऩगर स्थित घर पर नंदकिशोर की मां कलाबाई और मौसी गीताबाई थे। नंदकिशोर का परिवार रात में वापस लौटा तो उपरी मंजिल पर बने कमरे की अलमारी खुली हुई थी और लॉकर में रखें आभूषणों के साथ नगदी गायब थी। रहस्यमय तरीके से हुई चोरी की सूचना पुलिस को दी गई।
बडऩगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि नंदकिशोर का सगा भतीजा चंद्रशेखर उर्फ चिंटू पिता राजेंद्र अपनी पत्नी के साथ आया था। शंका के आधार पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की वह नागझरी में रहना सामने आया। वैसे मूल रूप से देपालपुर इंदौर का रहने वाला है।
24 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा-माल भी किया बरामद
बडऩगर थाना प्रभारी अशोक कुमार पाटीदार उपनिरीक्षक चांदनी पाटीदार, नारायण वास्कले, गोवर्धन बैरागी, प्रधान आरक्षक राहुल राठौर ,हेमराज खरे, सैनिक भूपेंद्र बैरागी के साथ उज्जैन पहुंचे और नागझिरी थाना प्रभारी कमल निगवाल की मदद से चंद्रशेखर के घर पर दबिश दी गई। उसे हिरासत में लिया गया और पूछताछ शुरू की गई तो उसने चोरी करना कबूल कर लिया। पुलिस ने उसके घर से सोने चांदी के आभूषणों के साथ 73 हजार रुपए नगद बरामद कर लिए। 24 घंटे में चोरी का खुलासा होने और 10.45 लाख का सामान बरामद होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर बनाकर ले जाया गया। गुरुवार दोपहर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। बताया जा रहा है कि नंदकिशोर और उसके भतीजे चंद्रशेखर के बीच बातचीत बंद है। बावजूद इसके वह अपनी पत्नी के साथ कार से बडऩगर पहुंचा था। उसने नंदकिशोर की मां के पैर पड़े थे और पत्नी को उनके पास बैठ कर खुद चोरी करने ऊपर कमरे में चला गया था। जहां लोहे की रोड से उसने अलमारी का लॉकर तोडक़र आभूषण और नगद रुपए चोरी किए थे।
