सिंगाजी की दो ‘जल-परियां’ अंतरराष्ट्रीय कैनोईंग में बटोर रहीं मेडल

खंडवा। सिंगाजी तपोभूमि की मिट्टी और पानी में ही ऐसा जादू है, कि यहां साधारण से उठकर कुछ लोग अंतरराष्ट्रीय परचम लहरा रहे हैं।आध्यात्मिक रूप से सिंगाजी पशुपालक थे। अब इसी गांव की दो बालिकाएं नौकाचालन यानी कैनोईंग खेल में करिश्मा कर रही हैं। खंडवा से चयनित होकर राज्य और फिर देश का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय रूप से कई देशों में कर रही हैं। अब दोनों सगी बहनें कावेरी और दीपिका उत्तराखंड के टिहरी कप- 2025 में सोने और चांदी के मेडल बटोर रही हैं।

इंदिरा सागर के बैकवॉटर में छोटी नाव जिसे स्थानीय भाषा में दूंगा कहते हैं उसे पर परिजनों के साथ दिनभर मछलियां पकड़ने का काम ढीमर परिवार करता है इसी मछली पकड़ने और पेट भरने की जिद ने इन दोनों बहनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का कैनोइंग खिलाड़ी बना दिया। आज बड़ी बहन नेवी में ऑफिसर के पद पर हैं। छोटी बहन ने भी टिहरी कप में दो गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया। दीपिका अभी 16 साल की हैं। उनके बालिग होते ही किसी बड़े कमीशन प्राप्त अधिकारी पद पर नियुक्ति तय है।

टिहरी में दीपिका ने दो गोल्ड झपटे

अंतर्राष्ट्रीय मेडलिस्ट दीपिका और बड़ी बहन कावेरी ने चौथी इंटरनेशनल प्रेसिडेंट कप 2025 उत्तराखंड के टिहरी में आयोजित हुई। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए भाग लिया है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि उत्तराखंड के टिहरी में 28 से 30 नवंबर तक आयोजित टिहरी कप 2025 में कम उम्र की दीपिका ढीमर ने सी 2 वुमन मे 500 मी 1000 मीटर में शानदार प्रदर्शन किया। दो गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। वहीं, दीपिका की बड़ी बहन कावेरी ढीमर ने इंटरनेशनल प्रेसिडेंट कप 2025 में सी वूमेन 1000 मीटर में सिल्वर मेडल प्राप्त किया।

थाईलैंड में भी मचाया था तहलका

दीपिका अभी तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशियाई चैंपियन थाईलैंड में ब्रांच मेडल सीनियर नेशनल चैंपियन में तीन ब्रांच एक सिल्वर जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में चार गोल्ड सिल्वर के साथ के साथ राष्ट्रीय स्तर की उत्तराखंड में आयोजित इंटरनेशनल प्रेसिडेंट कप प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया।

 

कावेरी नेवी में बड़ी अफसर बनीं

15 वर्षीय दीपिका ढीमर ने अब तक 11 पदक प्राप्त कर लिए हैं। उनकी बड़ी बहन कावेरी ने भी इस वर्ष की प्रतियोगिता में भाग लेकर सिल्वर मेडल प्राप्त किया। कावेरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 50 से अधिक पदक जीतकर भारत सरकार द्वारा उन्हें नेवी में अधिकारी की पोस्ट पर नियुक्त किया गया है।

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