
मुरैना। मुरैना जिले में अजीब मामला सामने आया है। यहां पर नाले में शराब की बोतलें तैरती हुई दिखाई दी। एक या दो बोतल नहीं बल्कि 1000 से ज्यादा बोतलें नाले में तैर रही थीं। जिसे लूटने के लिए गांव वालों की भीड़ जमा हो गई। कई लोगों ने तो शराब की कई बोतलें लूटीं हालांकि कुछ लोगों ने इसे जहरीले शराब बताते हुए लूटने वालों को रोका। यह पूरा घटनाक्रम मुरैना के कैलारस थाना इलाके में स्थित सेमई का है।
दरअसल, सेमई से एक नाला होकर गुजरता है। सेमई चौराहे के इस नाले पर पुलिया भी बनी हुई है। यहां तेज बारिश हुई थी उसके कुछ देर बाद इस नाले में शराब की बोतलें तैरती हुई दिखाई देने लगीं। बड़ी संख्या में शराब की बोतल पानी में तैरती हुई देख ग्रामीण भी हैरान रह गए। इसकी जानकारी तुरंत पुलिस प्रशासन को दी गई।
मौके पर पुलिस पहुंची और नाले में तैरती हुई 1000 से ज्यादा शराब की छोटी बोतलों को जब्त किया। पुलिस के अनुसार, नाले की पुलिया के नीचे अवैध शराब का कारोबार करने वाले माफिया ने बोतलें छुपा कर रखी होगी। जब बारिश हुई और नाले की पुलिया के नीचे पानी का स्तर बढ़ा तो यह शराब की बोतलें पानी की सतह पर दिखने लगी। फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। लेकिन ग्रामीण इस बात से हैरान है कि आखिर पुलिया के नीचे इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बोतल है कहां से आईं।
*शराब की बोतलों से पट गया नाला*
ग्रामीणों का कहना है कि यह नकली या जहरीली शराब हो सकती है। इसे रात के अंधेरे में नाले में फेंका गया है। हालांकि कैलारस टीआई ने नकली या जहरीली शराब की संभावनाओं से इंकार किया है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि शराब की बोतलों पर आबकारी विभाग दर्ज है और शराब का निर्माण 2025 में हुआ है। पुलिस का मानना है कि मार्च महीने के खत्म होने के बाद शराब ठेकेदारों ने बचे हुए स्टॉक को फेंका होगा।
इनका कहना है…
ग्रामीणों की मदद से पुलिस टीम ने पानी में उतराते हुए शराब की बातलों को जब्त किया। शराब कहां से आई है इसकी जांच की जा रही है। शराब की पैकिंग देखकर नहीं लगता है कि नकली शराब है।
–सतेंद्र सिंह कुशवाह, कैलारस थाना प्रभारी
