
हटा/दमोह। जिले के धूमा गांव में शनिवार को करंट लगने से मामा-भांजे की मौके पर ही मौत हो गई.हादसा उस वक्त हुआ है जब दोनों सुनार नदी में मछली पकड़ रहे थे.हादसे की खबर मिलते ही परिजन पहुंच गए.
चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह और पुलिस के अनुसार ग्राम धूमा निवासी अस्सू पिता करण रैकवार उम्र 22 वर्ष अपने भांजे अभिषेक पिता महादेव रैकवार 17 वर्ष ग्राम बागरोदा बक्सवाहा दोपहर के वक्त गांव के एक खेत में गेंहू की रखवाली करने के लिए गए थे, इस दौरान एक अन्य खेत के पास सुनार नदी में मछली पकडऩे लगेे.जब वे मछली पकड़ रहे थे, इस दौरान समीप के खेत में फैले करंट की चपेट में आ गए.जिससे दोनों की मौत हो गई.हादसे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. जिसे परिजनों ने बताया कि अस्सू अपने भान्जे अभिषेक को लेकर खेत में गेंहू की रखवाली करने के लिए गया था.खेत के पास ही सुनार नदी है. जहां दोनों मछली पकडऩे चले गए. वहां गिरधारी पटेल के खेत में एक तार पर कटी हुई डोरी पड़ी थी. जिसकी चपेट में आने से करंट लगा और यह हादसा हुआ है.पुलिस का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया है. मर्ग जांच में जो भी तथ्य सामने आएगे उस आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी.
*माझी समाज के युवाओं की करेंट से मौत होना दुखद*
रैकवार, केवट बर्मन धुरिया कहार निषाद बाथम माझी, भोई, मल्लाह ढीमर समाज के दमोह के माथे राकेश धुरिया, माझी समाज जिला दमोह के ग्रामीण जिला अध्यक्ष मोंटी रैकवार, शहर जिला अध्यक्ष राकेश रैकवार,हटा ब्लाक के अध्यक्ष बृजेश बर्मन, समाज के माथे राहुल रैकवार ने हटा में माझी समाज के दो युवा साथी अभिषेक रैकवार और अस्सू रैकवार जो नदी में मछली पकड़ने जा रहें थे. लेकिन खेत में खेत के मालिक के द्वारा करेंट लगाकर रखा हुआ था.जिस कारण हमारे माझी समाज के दो होनहार युवाओं की असमय मृत्यु होना समाज और परिवार के लिए पीड़ादायक है. हटा क्षेत्र में जो किसान है, वह अपने खेतों में इसी तरह करेंट फैलाएं हुए हैं.जिससे लगातार करेंट से मौत हो रही है.पूर्व में भी माझी समाज के एक युवा की करेंट लगने से मौत हो चुकी है.माझी समाज जिला दमोह की मांग है कि खेत मालिक पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की गई है.
