
ब्यावरा। गर्मी के दिनों में नगर, कस्बे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कारणों से आग लगने की घटनाएं काफी बढ़ जाती है, इन घटनाओं की तुरंत रोकथाम करने तथा आग पर जाल्द काबू पाने जिले भर में 57 फायर फाइटर टैंकर तैनात किए जा रहे है, जो आग पर काबू पाने में काफी सार्थ सिद्ध होंगे.
पराली जलाने, अत्यधिक गर्मी होने एवं अन्य कारणों के चलते अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं को देखते हुए तथा उनकी रोकथाम हेतु जिले की विभित्र जनपद पंचायतों में फायर फाइटर टैंकर तैनात होंगे. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले द्वारा ग्रामीण स्तर पर
कहां कितने फायर फाइटर होंगे तैनात
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ इच्छित गढ़पाले द्वारा ग्रामीण स्तर पर अनूठी पहल के रूप में ग्रीष्म ऋतु में पराली जलाने अत्यधिक गरमी होने एवं अन्य कारणों से अधिक्कर ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं को देखते हुए उनकी रोकथाम हेतु जिले में जनपद पंचायत राजगढ़ 10, अनपद पंचायत ब्यावरा 09, जनपद पंचायत नरसिंहगढ़ 17, जनपद पंचायत सांरगपुर 06. जनपद पंचायत खिलवीपुर 08, जनपद पंचायत जीरापुर 07 इस प्रकार जिले में कुल 57 फायर ब्रिगेड (फायर फाइटर) टैंकरों को मोटर पम्प लगाकार (फायर फाइटर) के रूप में चिन्हांकित किया गया है जिनका ग्रामीण क्षेत्रों में सेक्टर स्तर पर फायर ब्रिगेड (फायर फाइटर) के रूप में उपयोग हेतु तैयार किया गया है. राजगढ़ जिले में कहीं पर भी आगजनी की घटना होने की जानकारी की सुबना जनपद पंचायत स्तरीय कन्ट्रोल रूम में दी जा सकती है. इस हेतु प्रत्येक जनपद पंचायत स्तर पर कन्ट्रोल रूम स्थापित किये गये है जिसमें आगजनी की जानकारी दी जा सकती है. आकस्मिक स्थिति में 24 घण्टे तैयार रहने हेतु संबंधितों को निर्देशित किया गया है जिसकी जानकारी पुलिस थानों में भी साझा की जा रही है.
ग्रामीण क्षेत्रों को त्वरित सुविधा मिलेगी
इन 57 फायर फाईटर के तैनात होने के बाद ग्रामीण अंचलों में आगजनी की घटनाओं
पर त्वरित सहायता मिल सकेगी. इनती पर्याप्त संख्या में तैनाती के बाद ग्रामीण ईलाकों से आने वाली कॉल पर तुरंत एक्शन होगा जिससे बही दुर्घटनाओं को टाला जा सकेगा हाल ही के दिनों में ग्रामीण अंचलों से खेतों में फसल में आग लगने की घटनाएं बहुत अधिक आई है इस तरह की घटनाएं हर वर्ष होती है और वर्ष दर वर्ष बढ़ती जा रही है वहीं कई जगह घरों, गोदामों में भी इस तरह के हादसे होते है. इसके अलावा हाईवे पर वाहनों में आगजनी के मामले भी बढ़ते देखे गए है.
कंट्रोल रूम स्थापित
जिले में कहीं पर भी आगजनी की घटना होने की जानकारी की सूचना जनपद पंचायत स्तरीय कंट्रोल रूम पर दी जा सकती है प्रत्येक जनपद पंचायत स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गये है. जिसमें आगजनी की जानकारी दी जा सकती है. आकस्मिक स्थिति में 24 घण्टे तैयार रहने हेतु संबंधितों को निर्देशित किया गया है
अनूठी पहल की गई है. विभिन्न कारणों से अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं को देखते हुए उनकी रोकथाम
हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में सेक्टर स्तर पर फायर ब्रिगेड (फायर फाइटर) के रूप में उपयोग हेतु तैयार किए गये है.
